आज हनुमान जी को चढ़ाएं तुलसी, नहीं झुकाना पड़ेगा शत्रुओं के सामने सिर

हनुमान जी को खुश करने के लिए बहुत से उपायों का उपयोग किया जाता है लेकिन कभी-कभी फिर भी हम बजरंगबली को खुश नहीं कर पाते। मंगलवार को लोग हनुमान जी को सिंदूर, लड्डू और चने का भोग लगाते हैं। क्या आपको पता है की इन सब चीजों के अलावा एक और
हनुमान जी को खुश करने के लिए बहुत से उपायों का उपयोग किया जाता है लेकिन कभी-कभी फिर भी हम बजरंगबली को खुश नहीं कर पाते। मंगलवार को लोग हनुमान जी को सिंदूर, लड्डू और चने का भोग लगाते हैं। क्या आपको पता है की इन सब चीजों के अलावा एक और चीज है, जो पवन पुत्र को बहुत ही प्रिय है। वो है तुलसी, मंगलवार के दिन विशेष रूप से बजरंगबली को जल्दी से खुश करने के लिए तुलसी का प्रयोग किया जाता है। हनुमान जी को तुलसी बहुत भाती है, जो भी आज के दिन यानी मंगलवार को अपना तन और मन हनुमान जी में लगाकर उनको सिर्फ एक तुलसी पत्र अर्पित करता है। अंजनी पुत्र उसकी सब मनोकामनाओं को बहुत ही जल्द पूरा कर देते हैं।
बहुत सारे विद्वान मानते हैं की तुलसी का भोग सिर्फ भगवान विष्णु को ही लगता है लेकिन ऐसा नहीं है। हनुमान जी को भी तुलसी चढ़ाना बहुत ही शुभ माना गया है। कहते हैं अगर कोई व्यक्ति बजरंगबली की सच्चे मन से पूजा करता है तो उसे कभी भी शत्रुओं के सामने सिर नहीं झुकाना पड़ता। तो आइए जानते हैं हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए तुलसी का किस तरह से प्रयोग करें:

अगर किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है और उसे जीवन में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो मंगलवार के दिन शाम के समय हनुमान जी की पूजा करने के बाद उन्हें तुलसी की माला पहनाएं।

अगर कोई व्यक्ति किसी बड़ी बीमारी से जूझ रहा है और दवाई खाने के बाद भी कोई असर नहीं पड़ रहा तो प्रतिदिन तुलसी का प्रयोग जरूर करना चहिए। ऐसा करने से जल्द से जल्द रोग आपका पीछा छोड़ देंगे।
हनुमान जी को तुलसी चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और धन संबंधित समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

श्रीरामयण में वर्णित कथा के अनुसार हनुमान जी श्रीराम के परम भक्त थे और देवी सीता को माता का दर्जा देते थे। अयोध्या लौटने के बाद एक बार हनुमान जी को बहुत जोर से भूख लगी। वह सीता माता के पास गए। सीता माता ने उन्हें अपने हाथों से भोजन परोस कर दिया। उनकी भूख कम होने की बजाय बढ़ती गई। वह धीरे-धीरे सारे राजमहल का भोजन चट कर गए, फिर भी उनकी भूख शांत नहीं हुई। तब माता सीता ने उनकी भूख शांत करने के लिए उन्हें एक तुलसी का पत्ता खाने को दिया। उसे खाते ही बजरंगबली तृप्त हो गए। तभी से हनुमान जी को तुलसी चढ़ाना बहुत ही शुभ माना गया है।