1 मई से कई बड़े बदलाव: रेलवे टिकट, एलपीजी, बैंकिंग नियम और एटीएम चार्ज में बदलाव का सीधा असर आम लोगों पर

नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2025 — मई का महीना आम जनता के लिए कई बड़े बदलावों के साथ शुरू हो रहा है। 1 मई 2025 से रेलवे टिकट बुकिंग, एलपीजी सिलेंडर के दाम, बैंकिंग सेवाएं, ब्याज दरें और एटीएम लेन-देन से जुड़े नियमों में अहम बदलाव लागू होंगे। भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य सरकारी विभागों की ओर से इन नियमों को लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। आइए एक नजर डालते हैं उन प्रमुख बदलावों पर जो 1 मई से लागू होने जा रहे हैं:

1. रेलवे टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव

रेल मंत्रालय ने टिकट बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है:

स्लीपर और एसी कोच में अब वेटिंग टिकट मान्य नहीं होगा।

केवल जनरल कोच में वेटिंग टिकट पर यात्रा की अनुमति होगी।

अग्रिम आरक्षण की अवधि को 120 दिनों से घटाकर 60 दिन कर दिया गया है।

टिकट किराया और रिफंड शुल्क में भी बढ़ोतरी की संभावना है।

2. एलपीजी सिलेंडर के रेट होंगे अपडेट

हर महीने की तरह इस बार भी 1 मई को घरेलू और कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट अपडेट होंगे।

अप्रैल में घरेलू गैस की कीमत में ₹50 की बढ़ोतरी हुई थी।

अब दिल्ली में 14.2 किलो वाला सिलेंडर ₹853 और कोलकाता में ₹879 का मिल रहा है।

कॉमर्शियल गैस के दामों में बदलाव तय माने जा रहे हैं।

3. एफडी और बचत खातों पर ब्याज दरों में बदलाव

हाल ही में आरबीआई की रेपो रेट में कटौती के बाद कई बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की है।

1 मई से कुछ और बैंक एफडी और बचत खातों पर ब्याज दरें घटा सकते हैं।

4. एटीएम लेन-देन पर शुल्क बढ़ेगा

निर्धारित निशुल्क सीमा पार करने पर अब हर एटीएम निकासी पर ₹23 शुल्क देना होगा।

अभी तक यह शुल्क ₹21 था।

ग्राहक हर महीने अपने बैंक के एटीएम से 5 बार और अन्य बैंकों के एटीएम से मेट्रो शहरों में 3 बार व गैर-मेट्रो में 5 बार मुफ्त निकासी कर सकते हैं।

5. ‘प्रवाह पोर्टल’ से बैंकिंग प्रक्रियाएं होंगी सरल

RBI ने निर्देश दिया है कि 1 मई से सभी बैंकों और वित्तीय संस्थाएं प्रवाह पोर्टल का उपयोग करेंगी।

लाइसेंस, प्राधिकरण और अनुमोदन से जुड़े सभी आवेदन इसी पोर्टल से किए जाएंगे।

6. 11 राज्यों में ग्रामीण बैंकों का विलय

“एक राज्य, एक ग्रामीण बैंक” नीति के तहत 11 राज्यों में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का विलय होगा।

यह कदम बैंकों की प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

इसमें आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान शामिल हैं।