अडानी ग्रुप ने टैक्स पेमेंट में दिखाई 29% की बढ़ोतरी, इस साल जमा किए ₹74,945 करोड़

मुंबई, 5 जून 2025 — अडानी ग्रुप ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (अप्रैल 2024 से मार्च 2025) में टैक्स पेमेंट में जबरदस्त इजाफा दर्ज करते हुए कुल ₹74,945 करोड़ की राशि सरकारी खजाने में जमा कराई है। यह पिछले साल (2023-24) के ₹58,104 करोड़ के मुकाबले 29% अधिक है। यह जानकारी ग्रुप ने गुरुवार को साझा की।

टैक्स स्ट्रक्चर का विवरण

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस रकम में डायरेक्ट टैक्स (जैसे कॉर्पोरेट इनकम टैक्स), इनडायरेक्ट टैक्स (जैसे GST और एक्साइज ड्यूटी) और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा में दिए गए योगदान (जैसे PF और ESI) को शामिल किया गया है।

ग्रुप के अनुसार टैक्स ब्रेकअप कुछ इस प्रकार है:

डायरेक्ट टैक्स: ₹28,720 करोड़

इनडायरेक्ट टैक्स: ₹45,407 करोड़

अन्य सामाजिक योगदान: ₹818 करोड़

बढ़ते प्रभाव का संकेत

इस भारी टैक्स भुगतान को अडानी ग्रुप की आर्थिक वृद्धि और टैक्स जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है। ग्रुप ने कहा कि यह योगदान भारत की आर्थिक मजबूती और सामाजिक ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभाता है।

वित्तीय योगदान का तुलनात्मक मूल्य

₹74,945 करोड़ की यह राशि इतनी बड़ी है कि इसकी तुलना मुंबई के पूरे मेट्रो नेटवर्क के निर्माण खर्च या आधुनिक ओलंपिक खेलों के आयोजन की लागत से की जा सकती है। यह दर्शाता है कि निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाओं में कितनी अहम भूमिका निभा सकती हैं।

कौन सी कंपनियां सबसे आगे रहीं

टैक्स योगदान देने वाली अडानी ग्रुप की प्रमुख लिस्टेड कंपनियों में शामिल हैं:

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL)

अडानी सीमेंट लिमिटेड (ACL)

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ)

अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL)

इसके अलावा NDTV, ACC और सांघी इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के टैक्स आंकड़े भी ग्रुप की कुल टैक्स रिपोर्ट में शामिल किए गए हैं, जिन पर ग्रुप की प्रमुख सात कंपनियों का नियंत्रण है।