नई दिल्ली/हैदराबाद, 10 जून 2025 — केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों “विकसित कृषि संकल्प अभियान (VBSA)” के तहत 29 मई से 12 जून तक देश के विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देना और किसानों की समस्याओं को सीधे सुनकर समाधान की ओर बढ़ना है।
किसानों की सबसे बड़ी चिंता: नकली बीज और कीटनाशक
तेलंगाना दौरे के दौरान ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देशभर के किसानों ने सबसे अधिक चिंता नकली और घटिया बीजों एवं कीटनाशकों की बिक्री को लेकर जताई है। उन्होंने इसे किसानों की आमदनी और कृषि उत्पादकता के लिए एक बड़ा खतरा बताया और कहा कि जल्द ही इसके विरुद्ध कड़े कानून लाए जाएंगे।
“मैं भी किसान हूं, समस्याएं अच्छी तरह जानता हूं”
चौहान ने कहा, “मैं खुद किसान हूं और खेती से लगातार जुड़ा हूं, इसलिए किसानों की परेशानियों से अनजान नहीं हूं।” उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में 2014 के बाद खाद्यान्न उत्पादन में 40% से अधिक की वृद्धि हुई है, लेकिन कृषि क्षेत्र में समन्वय की कमी एक बड़ी बाधा है। इसी कारण से उन्होंने “वन नेशन, वन एग्रीकल्चर, वन टीम” का नारा दिया है।
क्या कृषि के लिए ‘GST काउंसिल’ जैसा ढांचा बनेगा?
पूर्व में गठित एक समिति द्वारा कृषि क्षेत्र के लिए एक स्थायी नीति निर्माण संस्था (GST काउंसिल की तर्ज पर) की सिफारिश की गई थी। इस पर चौहान ने कहा कि वह अब तक तीन बार कृषि मंत्रियों की बैठकें कर चुके हैं, और हर फसल मौसम से पहले रबी-खरीफ सम्मेलन होते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस अभियान के फीडबैक से भविष्य में एक मजबूत ढांचे की दिशा में काम किया जा सकता है।
जलवायु परिवर्तन और कृषि भूमि की कमी भी चुनौती
मंत्री ने बताया कि तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में किसानों ने जलवायु परिवर्तन की मार झेली है। कहीं आम की फसल खराब हुई, तो कहीं गन्ने की नई किस्मों में रोग फैल गए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कृषि भूमि घट रही है, लेकिन तकनीक जैसे हाइड्रोपोनिक्स और सोलर फार्मिंग जैसी पद्धतियों से उत्पादन में बढ़ोतरी संभव है।
हाइवे, एयरपोर्ट और विकास बनाम कृषि
देश में हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास का कृषि पर असर पड़ने के सवाल पर चौहान ने कहा, “हमें एयरपोर्ट, रेलवे, उद्योग भी चाहिए, लेकिन भारत कृषि के बिना नहीं चल सकता। ज़रूरत है संतुलन की नीति की, जिससे विकास और कृषि साथ चल सकें।”
अभियान की पहुंच: 700 जिलों में 2000 टीमें
VBSA अभियान के अंतर्गत लगभग 2000 टीमें 700 से अधिक जिलों में जाकर किसानों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों और विशेषज्ञों से संवाद कर रही हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 12 जून के बाद भी यह अभियान जारी रहेगा, और वह शेष राज्यों का भी दौरा करेंगे – भले ही वहां किसी भी दल की सरकार हो।
अंतिम लक्ष्य: किसान की समृद्धि, भारत का विकास
कृषि मंत्री ने साफ किया कि VBSA केवल एक दौरा या सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह किसानों की समृद्धि और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की ठोस रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा, तब तक भारत आत्मनिर्भर और विकसित नहीं बन सकता।”
