वाशिंगटन/ह्यूस्टन | 20 जून 2025
भारतीय अंतरिक्ष प्रेमियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और उनके तीन साथियों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना होने वाला एग्जिओम-4 (Axiom-4) मिशन एक बार फिर टाल दिया गया है। नासा ने इस मिशन को फिलहाल 22 जून को लॉन्च करने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है।
नासा और एग्जिओम स्पेस ने एक संयुक्त बयान में बताया कि यह निर्णय सुरक्षा कारणों के चलते लिया गया है। नासा की ओर से कहा गया कि आईएसएस में हाल ही में हुई तकनीकी मरम्मत के सटीक मूल्यांकन और आंकड़ों की समीक्षा के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है।
🔧 मरम्मत की समीक्षा जरूरी
नासा ने जानकारी दी कि आईएसएस के रूसी सेक्शन ‘ज्वेज्डा सर्विस मॉड्यूल’ के AFR सेक्शन में हाल ही में कुछ मरम्मत कार्य किए गए थे। अब विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि स्टेशन अतिरिक्त अंतरिक्ष यात्रियों को पूरी तरह से सुरक्षित रूप से सपोर्ट कर पाएगा या नहीं।
एजेंसी ने साफ किया कि किसी भी तरह के खतरे को टालने के लिए पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है। यही वजह है कि मिशन को तब तक आगे नहीं बढ़ाया जाएगा जब तक सुरक्षा की सभी कसौटियों पर वह खरा न उतर जाए।
🌌 क्या है एग्जिओम-4 मिशन?
एग्जिओम-4 एक वाणिज्यिक अंतरिक्ष मिशन है, जिसका नेतृत्व नासा की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन कर रही हैं। मिशन पायलट के तौर पर भारत के शुभांशु शुक्ला शामिल हैं, जो देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहे हैं।
इस मिशन में उनके साथ हंगरी के टिबोर कापू और पोलैंड के स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की मिशन विशेषज्ञ के तौर पर हैं। चारों अंतरिक्ष यात्री स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से रवाना होंगे।
⏳ लगातार टलता रहा है मिशन
मूल तारीख: 29 मई
फिर टाल कर 8, 10 और 11 जून को रखा गया
बाद में 19, 22 और 23 जून की तारीख तय की गई
फाल्कन-9 रॉकेट में तरल ऑक्सीजन के रिसाव, साथ ही ISS के पुराने रूसी मॉड्यूल में भी रिसाव के चलते मिशन बार-बार टाला गया
अब, सुरक्षा समीक्षा लंबित रहने के कारण नई लॉन्च तारीख घोषित नहीं की गई है
🧠 नासा की प्राथमिकता: ‘नो रिस्क पॉलिसी’
नासा और एग्जिओम दोनों ही इस मिशन को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। खासकर जब ISS पहले से कई तकनीकी मरम्मतों से गुजर रहा है, ऐसे में एक भी छोटी चूक अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।
🇮🇳 भारत के लिए बड़ी उम्मीद
शुभांशु शुक्ला के इस मिशन से भारत को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष जगत में प्रमुख उपस्थिति दर्ज कराने की उम्मीद है। हालांकि लॉन्च में देरी हो रही है, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है और नासा द्वारा उठाया गया यह कदम इसी सोच का प्रतिबिंब है।
