उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विधवा पेंशन योजना (निराश्रित महिला पेंशन योजना) के तहत लाभ उठा रहीं 40 हजार महिलाएं अपात्र पाई गई हैं। महिला कल्याण विभाग द्वारा हाल ही में कराए गए डोर-टू-डोर सघन सर्वे में यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। इनमें से अधिकांश महिलाएं दोबारा विवाह कर चुकी थीं, कुछ की मृत्यु हो चुकी थी और कई के दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई।
महिला कल्याण विभाग की निदेशक संदीप कौर ने बताया कि प्रदेशभर में चलाए गए सत्यापन अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। अब तक योजना के तहत 35.40 लाख महिलाएं लाभार्थी थीं, लेकिन सत्यापन के बाद यह संख्या घटकर 34.90 लाख रह गई है।
—
💰 तीन महीने की पेंशन इस महीने के अंत तक खातों में
सरकार ने ऐलान किया है कि अप्रैल, मई और जून की पेंशन इस महीने के अंत तक पात्र महिलाओं के खातों में भेज दी जाएगी। सरकार ने यह भी साफ किया है कि पेंशन वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी, इसके लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है।
—
⚠️ क्यों हटाई गईं महिलाएं?
दोबारा विवाह करने पर योजना से स्वतः अपात्रता।
मृत महिलाओं के नाम पर जारी पेंशन।
फर्जी या अपूर्ण दस्तावेजों की पहचान।
दूसरी पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहीं महिलाएं।
—
✅ विधवा पेंशन योजना: जरूरी जानकारी एक नजर में
उद्देश्य:
पति की मृत्यु के बाद आर्थिक रूप से असहाय महिलाओं को सहयोग देना।
मासिक राशि:
₹1,000 प्रति माह (हर तीन महीने में ₹3,000 सीधे बैंक खाते में भेजे जाते हैं)।
पात्रता शर्तें:
महिला की आयु 18 वर्ष या अधिक होनी चाहिए।
परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख से कम हो।
किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ न मिल रहा हो।
उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हो।
जरूरी दस्तावेज:
पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
आधार कार्ड और लिंक मोबाइल नंबर
बैंक पासबुक (NPCI लिंक्ड खाता)
आय प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोटो
—
📝 आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन:
sspy-up.gov.in पर जाकर फॉर्म भरें और पंजीकरण संख्या सुरक्षित रखें।
ऑफलाइन:
जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय या नजदीकी जन सेवा केंद्र पर आवेदन जमा करें।
