नई दिल्ली, 20 जून 2025 — भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा सोने के गिरवी रखकर दिए जाने वाले लोन पर बनाए गए नए नियमों से गोल्ड लोन उद्योग में व्यापक बदलाव की उम्मीद की जा रही है। S&P ग्लोबल रेटिंग्स के अनुसार, इन नए दिशा-निर्देशों से कंपनियों के व्यवसाय संचालन के तरीके में बदलाव आएगा और उन्हें कर्ज वितरण में अधिक सतर्कता बरतनी होगी।
क्या हैं नए नियम?
RBI ने निर्देश दिया है कि:
₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक के लोन पर सोने की कीमत का अधिकतम 80% तक ही लोन दिया जा सकेगा।
₹5 लाख से अधिक के लोन पर यह सीमा 75% कर दी गई है।
इन नियमों को 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी किया जाएगा।
S&P का विश्लेषण: प्रतिस्पर्धा अब सेवा गुणवत्ता पर टिकी
S&P ग्लोबल रेटिंग्स की विश्लेषक गीता चुघ ने बताया कि यह बदलाव कंपनियों को केवल गिरवी रखे गए सोने की कीमत पर भरोसा करने की बजाय, कर्जदार की वित्तीय स्थिति, आमदनी और ऋण चुकाने की क्षमता का आकलन करने के लिए प्रेरित करेगा।
इससे कंपनियों को:
अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करनी होगी।
उन्हें ग्राहक मूल्यांकन के लिए प्रशिक्षित करना होगा।
इससे समय और संसाधनों की अतिरिक्त लागत आएगी।
बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट
इसी बीच, दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमत में ₹150 की गिरावट देखी गई और यह ₹1,00,560 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले यह ₹1,00,710 प्रति 10 ग्राम था। वहीं, चांदी भी अपने रिकॉर्ड स्तर से ₹1,000 की गिरावट के साथ ₹1,07,200 प्रति किलोग्राम पर आ गई।
गिरावट की वजह क्या है?
विशेषज्ञों का कहना है कि:
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 4.25-4.50% पर स्थिर रखा है।
इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिससे सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें घटकर $3,390 प्रति औंस से नीचे आ गईं।
हालांकि, ईरान-इजरायल तनाव के चलते सोने की कीमतों को भू-राजनीतिक सुरक्षा अब भी मिल रही है।
क्या असर पड़ेगा?
नए नियमों से:
ग्राहकों के लिए सोने पर लोन लेना थोड़ा कठिन हो सकता है।
कंपनियों को ग्राहक सेवा, जोखिम प्रबंधन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश बढ़ाना होगा।
बाजार में प्रतिस्पर्धा अब “कम ब्याज दर” नहीं, बल्कि “बेहतर अनुभव और तेज प्रोसेसिंग” पर आधारित होगी।
