बड़ी खबर… सरकारी नौकरी का झांसा देकर 6 बेरोजगारों से 50 लाख की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र देकर गायब हुए आरोपी दुर्ग और अंबिकापुर के दो ठगों ने सीएम हाउस में पोस्टिंग का दिखाया सपना, बिलासपुर में दर्ज हुई FIR

बिलासपुर, 23 जून 2025: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दो आरोपियों ने दुर्ग और अंबिकापुर से मिलकर 6 बेरोजगार युवक-युवतियों से कुल 50 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को मुख्यमंत्री निवास से जुड़े पदस्थ कर्मचारी बताया और युवाओं को सहायक अभियंता, लैब अटेंडेंट व भृत्य की नौकरी का लालच दिया।

प्रिया और रजत ने रचा पूरा जाल

पीड़िता मोनिषा सिंह (हेमूनगर, तोरवा) की शिकायत पर पुलिस ने प्रिया देशमुख (दुर्ग) और रजत गुप्ता (अंबिकापुर) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रिया स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है, वहीं रजत ने खुद को सीएम हाउस में तैनात बताया था। दोनों ने मोनिषा समेत संतोष कुमार, गौतम बाई, आकाश शर्मा, ज्योतिष और श्यामादेवी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।

जमीन-जेवर बेचकर दिए पैसे, मिली धोखाधड़ी

पीड़ितों ने आरोपियों को अलग-अलग तरीकों से – नकद, बैंक खाते और रिश्तेदारों के माध्यम से – 50 लाख रुपए दिए। नौकरी के लालच में किसी ने जेवर बेच दिए, तो किसी ने जमीन गिरवी रखी। आरोपी अक्सर चंदेला नगर, तितली चौक, गांधी चौक और रजिस्ट्री ऑफिस जैसे स्थानों पर बुलाकर किश्तों में रुपए वसूलते रहे।

फर्जी नियुक्ति पत्र पकड़ा, फिर टूटे सपने

करीब एक साल बाद जब युवाओं ने नौकरी की बात दोहराई, तो आरोपियों ने उन्हें सहायक अभियंता पद का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब वे संबंधित विभाग में नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचे, तो पता चला कि यह दस्तावेज पूरी तरह फर्जी है। इसके बाद ठगे गए युवाओं ने सिविल लाइन थाने में पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने दर्ज किया केस, तलाश में जुटी टीम

सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू ने बताया कि पुलिस ने IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम दुर्ग और अंबिकापुर भेजी गई है। जल्द ही गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है।