रजत बिल्डर्स को तगड़ा झटका: छत्तीसगढ़ रेरा ने फ्लैट खरीदार को 57.97 लाख लौटाने का दिया आदेश

रायपुर, 23 जून 2025 – छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (CGRERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में एक सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए रजत बिल्डर्स को उनके आवासीय प्रोजेक्ट ‘रजत होम्स कादम्बरी, जिला दुर्ग’ के एक फ्लैट खरीदार को 57.97 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया है। यह रकम मूलधन और ब्याज दोनों को मिलाकर तय की गई है।

रेरा ने यह आदेश फ्लैट का समय पर आधिपत्य (पजेशन) न देने और खरीदार के साथ किए गए अनुबंध के उल्लंघन के चलते दिया है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014 में उक्त आबंटिती ने रजत बिल्डर्स से फ्लैट खरीदने के लिए अनुबंध किया था। लेकिन दस वर्षों के लंबे इंतजार के बावजूद न तो उन्हें फ्लैट का कब्जा मिला और न ही निर्माण कार्य पूर्ण हुआ।

छत्तीसगढ़ रेरा की विस्तृत जांच में यह स्पष्ट हुआ कि रजत बिल्डर्स ने रेरा अधिनियम 2016 की धारा 11 का उल्लंघन किया है। यह धारा प्रमोटरों को समय पर निर्माण पूर्ण कर स्वामित्व प्रदान करने का दायित्व देती है। इस उल्लंघन को गंभीर मानते हुए रेरा ने बिल्डर को खरीदार को 24 लाख रुपये मूलधन और 27.97 लाख रुपये ब्याज सहित कुल 57,97,200 रुपये की वापसी करने के निर्देश दिए हैं।

रेरा का संदेश स्पष्ट: खरीदारों के हित सर्वोपरि

रेरा के इस निर्णय को उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है। यह निर्णय न सिर्फ पीड़ित आबंटिती को न्याय दिलाता है, बल्कि यह पूरे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक सख्त संदेश भी देता है कि खरीदारों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी या अनुबंध उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ रेरा ने पुनः यह स्पष्ट किया है कि वह घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और रियल एस्टेट अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित कर रहा है।

📌 मुख्य बिंदु:

2014 में खरीदा गया फ्लैट अब तक नहीं सौंपा गया

रेरा अधिनियम 2016 की धारा 11 का उल्लंघन

बिल्डर को 57.97 लाख रुपये लौटाने का आदेश

छत्तीसगढ़ रेरा की उपभोक्ता हितों की दिशा में बड़ी कार्रवाई