रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध हास्य कवि और पद्मश्री सम्मानित डॉ. सुरेन्द्र दुबे का आज निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और रायपुर स्थित एसीआई हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर में हृदयगति रुकने के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की जानकारी उनके परिजनों और करीबी मित्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की, जिसके बाद देशभर के साहित्यिक और सांस्कृतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. दुबे अपने विशिष्ट हास्य-व्यंग्य लेखन और मंचीय प्रस्तुतियों के लिए देशभर में प्रसिद्ध थे। उन्हें भारत सरकार द्वारा 2010 में “पद्मश्री” से सम्मानित किया गया था। उनका योगदान केवल हास्य कविता तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाजसेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाई।
राजनीति, साहित्य और कला जगत से जुड़े कई दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री, राज्यपाल सहित कई प्रमुख नेताओं ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।
डॉ. सुरेन्द्र दुबे का संक्षिप्त परिचय:
पेशे से होम्योपैथिक चिकित्सक थे
कवि सम्मेलनों में हास्य और व्यंग्य शैली के लिए लोकप्रिय
दूरदर्शन और रेडियो के माध्यम से देशभर में प्रसिद्धि
पद्मश्री सहित अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त
डॉ. दुबे का जाना छत्तीसगढ़ और हिंदी साहित्य की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके शब्दों में जीवन की मिठास और व्यंग्य की मार्मिकता हमेशा जीवित रहेगी।
