PNB घोटाले में बड़ी कार्रवाई: नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी अमेरिका में गिरफ्तार, 17 जुलाई को अगली सुनवाई

नई दिल्ली | 5 जुलाई 2025
भारत के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले से जुड़े मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। अमेरिकी अधिकारियों ने नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी को 4 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी भारत की प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दिए गए प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर की गई है।

क्या हैं आरोप?
अमेरिकी अभियोजन पक्ष द्वारा दाखिल शिकायत के मुताबिक, भारत में नेहल मोदी के खिलाफ दो गंभीर आरोपों पर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है:

मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन)

आपराधिक साजिश और सबूत नष्ट करना (IPC की धारा 120-B और 201 के तहत)

जांच एजेंसियों के अनुसार, नेहल मोदी ने अपने भाई नीरव मोदी के साथ मिलकर हजारों करोड़ रुपये के काले धन को सफेद करने में अहम भूमिका निभाई। उसने शेल कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के जरिए इस धन को छिपाया और इधर-उधर भेजा।

नीरव मोदी पहले से ही गिरफ्तार
घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी पहले से ही लंदन की जेल में बंद हैं। भारत सरकार ने उनके खिलाफ भी प्रत्यर्पण की मांग की है, जिस पर कार्यवाही अभी जारी है।

अगली सुनवाई 17 जुलाई को
नेहल मोदी के प्रत्यर्पण मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई 2025 को अमेरिकी अदालत में होगी। यह ‘स्टेटस कॉन्फ्रेंस’ के रूप में आयोजित की जाएगी, जिसमें नेहल मोदी की ओर से जमानत याचिका भी दायर की जा सकती है। हालांकि अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह जमानत का विरोध करेगा।

भारत के लिए बड़ी कामयाबी
इस गिरफ्तारी को भारत की जांच एजेंसियों के लिए बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता माना जा रहा है। ED और CBI लंबे समय से इस बहुचर्चित आर्थिक अपराध से जुड़े आरोपियों को कानून के कटघरे में लाने की कोशिशों में जुटे थे।

घोटाले की पृष्ठभूमि:
पंजाब नेशनल बैंक घोटाला वर्ष 2018 में सामने आया था, जिसमें नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के ज़रिए ₹13,000 करोड़ से अधिक की बैंक धोखाधड़ी का आरोप है।