झारखंड और मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटों के भीतर तेज बारिश ने भारी तबाही मचाई है। झारखंड के रामगढ़ जिले के महुआ टांगरी में शनिवार सुबह एक अवैध कोयला खदान अचानक धंस गई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के वक्त मजदूर खदान में काम कर रहे थे, तभी भारी बारिश की वजह से मिट्टी खिसक गई और खदान धंस गई।
राज्य में सोमवार सुबह तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने झारखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी है, जिससे और भी आपात स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
वहीं मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मंडला जिले में नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके चलते आसपास के गांवों में जलभराव हो गया है।
नरसिंहपुर को होशंगाबाद से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे पर स्थित पुल भी भारी बारिश के दबाव में ढह गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। पुल के ढहने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल दोनों राज्यों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। लोगों को निचले इलाकों से हटाने का कार्य जारी है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य के बिना बाहर न निकलें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
