रायपुर, 9 जुलाई 2025 — राजधानी रायपुर के माना एयरपोर्ट पर 12 मई 2022 को हुए शासकीय हेलिकॉप्टर क्रैश में हुई दो पायलटों की मौत के करीब तीन साल बाद एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। राज्य विमानन विभाग ने तत्कालीन चीफ पायलट और वर्तमान में मुख्य सलाहकार पद पर कार्यरत पंकज जायसवाल की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
क्या है पूरा मामला?
12 मई 2022 को रायपुर स्थित माना एयरपोर्ट पर अगस्ता A109E हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था, जिसमें दो अनुभवी पायलट — कैप्टन एपी श्रीवास्तव और कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस समय की कांग्रेस सरकार ने पंकज जायसवाल को रिटायरमेंट की उम्र (62 वर्ष) पूरी होने के बाद भी नियमित संविदा नियुक्ति न देते हुए उन्हें ₹3 लाख मासिक वेतन पर मुख्य सलाहकार बनाया था।
DGCA रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
हादसे की जांच के बाद जब डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की रिपोर्ट सामने आई, तो उसने मामले की गंभीरता उजागर कर दी। रिपोर्ट के अनुसार:
हेलिकॉप्टर का मेंटेनेंस बेहद लचर था।
समय पर जरूरी पुर्जों का बदलाव नहीं किया गया था।
सिस्टम में व्यापक स्तर पर लापरवाही पाई गई।
तकनीकी चूक और निगरानी की कमी हादसे के प्रमुख कारण बने।
इस रिपोर्ट के आधार पर विमानन विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू की, जिसके बाद अब जाकर चीफ पायलट रहे पंकज जायसवाल पर कार्रवाई की गई है।
क्रैश के बाद नहीं बचा कोई शासकीय हेलिकॉप्टर
गौरतलब है कि अगस्ता A109E के क्रैश होने के बाद से छत्तीसगढ़ सरकार के पास कोई भी शासकीय हेलिकॉप्टर नहीं बचा है। इससे राज्य की वीवीआईपी मूवमेंट और आपातकालीन एविएशन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
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फैक्ट्स फाइल:
घटना की तारीख: 12 मई 2022
स्थान: माना एयरपोर्ट, रायपुर
हेलिकॉप्टर मॉडल: अगस्ता A109E
मृतक: कैप्टन एपी श्रीवास्तव, कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा
कारण: मेंटेनेंस में घोर लापरवाही, तकनीकी चूक
हालिया कार्रवाई: तत्कालीन चीफ पायलट पंकज जायसवाल की सेवाएं समाप्त
