वडोदरा पुल हादसे में अब तक 13 की मौत, जर्जर पुल पर चल रहे थे भारी वाहन, टोल टैक्स बचाने की थी चाल

गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार दोपहर हुए दर्दनाक पुल हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोगों की तलाश जारी है। हादसे के वक्त पुल से गुजर रहे दो ट्रक, एक एसयूवी, पिकअप वैन और एक ऑटो रिक्शा नदी में समा गए। एक टैंकर का आधा हिस्सा पुल के मुहाने पर अटक गया, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

जर्जर पुल पर चल रहे थे भारी वाहन

गंभीरा नदी पर बना यह पुल वर्ष 1985 में तैयार किया गया था और तभी से वडोदरा और आणंद जिले के बीच अहम संपर्क बना हुआ था। हालांकि, बीते कुछ वर्षों से इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी। बावजूद इसके, इस पुल से भारी मालवाहक वाहन लगातार गुजरते रहे। कारण था – मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर लगने वाले टोल टैक्स से बचना और दूरी में 30-35 किलोमीटर की कटौती।

स्थानीय लोगों की आशंका हुई सच

बोरसाद गांव के निवासी देवेंद्र पटेल ने बताया, “जब भी भारी वाहन पुल से गुजरते थे, स्पैन हिलता दिखता था। हम सब डरते थे कि एक दिन बड़ा हादसा होगा।” स्थानीय लोग लंबे समय से इस पुल के जर्जर हालत को लेकर आवाज उठा रहे थे, लेकिन उनकी बातों को अनसुना किया गया।

सरकार ने नवंबर 2024 में पास किया था नया प्रस्ताव

हादसे के बाद यह भी सामने आया कि बामनगाम और आसपास के गांवों के लोगों की पुरानी मांग रही है कि इस पुल को बार-बार मरम्मत की जगह नया बनाया जाए। अधिकारियों के अनुसार, नवंबर 2024 में सरकार ने नए पुल के निर्माण का प्रस्ताव पास किया था, जिसकी लागत करीब 217 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। लेकिन काम की शुरुआत अब तक नहीं हो सकी थी।

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं।