श्रावण मास के पहले सोमवार का दिन आज श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पावन और फलदायी माना जा रहा है। इस वर्ष सावन का पहला सोमवार गजानन संकष्टी चतुर्थी के साथ मिलकर एक विशेष संयोग बना रहा है। साथ ही धनिष्ठा व शतभिषा नक्षत्र, आयुष्मान और सौभाग्य योग इस दिन को और अधिक शुभ बना रहे हैं।
🌿 धार्मिक महत्त्व
सावन सोमवार का व्रत और भगवान शिव की पूजा जीवन में सुख-समृद्धि, आयु वृद्धि और रोग शमन के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। साथ ही गजानन संकष्टी के दिन गणेश पूजन से विघ्नों का नाश होता है। इस दुर्लभ संयोग में पूजन करने से राहु और चंद्रमा से जुड़ी ग्रहदोष भी शांत हो सकते हैं।
🕒 शुभ मुहूर्त
अमृत चौघड़िया: सुबह 05:33 से 07:16 बजे तक
राहुकाल: सुबह 07:16 से 09:00 बजे तक (इस समय पूजन से बचें)
शुभ चौघड़िया: सुबह 09:00 से 10:43 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:55 बजे तक
लाभ मुहूर्त: शाम 03:54 से 05:38 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:20 से 07:40 बजे तक
🛕 पूजाविधि
प्रात: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें
सूर्य देव को अर्घ्य दें और भगवान गणेश का ध्यान करें
शिवलिंग पर गंगाजल और पंचामृत से रुद्राभिषेक करें
बेलपत्र, शमी पत्र, सफेद पुष्प, भांग, धतूरा, काला तिल, सफेद चंदन अर्पित करें
शिव चालीसा व मंत्र जाप करें:
ॐ नम: शिवाय
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…
शिव परिवार का पूजन करें और भोग लगाएं
व्रत का संकल्प लेकर आरती करें
🍽️ भोग सामग्री
मखाना, दूध की बर्फी, बेर, मिश्री, सफेद मिठाई, बादाम-मखाना की खीर और पंचामृत अर्पित करें।
⚠️ अभिषेक में रखें सावधानी
शंख से अभिषेक वर्जित है
शिवलिंग पर हल्दी, तुलसी, नारियल जल, रोली, केतकी पुष्प न चढ़ाएं
केवल धातु के पात्र से अभिषेक करें
मंत्रोच्चारण के साथ शांत मन से पूजन करें
🙏 शिव कृपा से होगा कल्याण
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के इस पवित्र सोमवार को विधिवत व्रत और शिव आराधना करने से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं। ग्रह दोषों की शांति होती है और घर में सुख-शांति व समृद्धि का आगमन होता है।
