पाकिस्तान में एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बीच हुई लगातार बैठकों ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि पाकिस्तान के मौजूदा राष्ट्रपति जरदारी की जगह सेना प्रमुख आसिम मुनीर को राष्ट्रपति बनाया जा सकता है। हालांकि सरकार और राष्ट्रपति कार्यालय ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।
बैठकों का दौर और सियासी चर्चा
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति जरदारी से मुलाकात की। इससे पहले पीएम आवास में शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख मुनीर के बीच भी बैठक हुई। लगातार हुई इन बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति जरदारी से मिला और उन्हें देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर जानकारी दी। इस बीच खुद राष्ट्रपति जरदारी और सरकार के वरिष्ठ मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है।
आसिफ का बयान—’सेना प्रमुख राजनीति में दिलचस्पी नहीं रखते’
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा,
“प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के बीच नियमित मुलाकात होती रहती है। हफ्ते में तीन बार भी अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा होती है। इसमें कुछ असामान्य नहीं है। सेना प्रमुख को राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है।”
आसिफ ने कहा कि राष्ट्रपति जरदारी को सभी घटनाक्रमों की जानकारी है और उन्होंने सरकार पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस तरह की अटकलें निराधार हैं और इन्हें खारिज किया जाना चाहिए।
