रायपुर- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस का विरोध तेज हो गया है।
भूपेश बघेल खुद शनिवार को ED ऑफिस पहुंचे और बेटे से आधे घंटे की मुलाकात की। उनके साथ बेटी और बहू भी मौजूद रहीं।
मुलाकात के बाद बाहर निकलकर भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और ईडी पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने कहा –
“मैंने बेटे से कहा कि आज अगर तुम्हारे दादा (स्वर्गीय नंदकुमार बघेल) जिंदा होते तो वह बहुत खुश होते, क्योंकि उन्होंने हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। जेल जाते रहे। अब तुम भी इस लड़ाई में शामिल हो गए हो।”
राजनीति में नहीं फिर भी गिरफ्तारी – भूपेश बघेल
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि
“सरकार डरा-धमकाकर विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है। मेरे बेटे चैतन्य की गिरफ्तारी इसी का हिस्सा है। वह राजनीति में भी नहीं है।”
उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद सबसे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने फोन कर समर्थन जताया।
बघेल ने कहा –
“आज रात दिल्ली जा रहा हूं। 22 जुलाई को प्रदेश स्तरीय आंदोलन में शामिल रहूंगा।”
अडाणी और जंगल कटाई का विरोध करने की सजा मिल रही – बघेल
भूपेश बघेल ने कहा –
“हम विधानसभा में अडाणी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने वाले थे। रायगढ़ के तमनार में पेड़ों की कटाई का भी विरोध कर रहे हैं। इसलिए सरकार ईडी के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने में लगी है।”
कांग्रेस का आरोप – पप्पू बंसल के बयान पर की गई गिरफ्तारी
भूपेश बघेल ने कहा कि
“ED ने पप्पू बंसल के बयान के आधार पर चैतन्य की गिरफ्तारी की। न तो हमें कोई नोटिस मिला, न ही पहले बुलाया गया। सीधे घर से उठाकर गिरफ्तार कर लिया गया। यह अडाणी के खिलाफ आवाज उठाने की सजा है।”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा –
“अगर ED, CBI या EOW के अलावा भी कोई एजेंसी हो, तो वो भी आ जाएं। यह कार्रवाई बदले की भावना से की जा रही है।”
22 जुलाई को चक्काजाम की तैयारी, कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन
कांग्रेस ने ऐलान किया है कि
22 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक हाईवे पर चक्काजाम और आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी।
कांग्रेस का आरोप है कि अडाणी के संरक्षण में प्रदेश के जंगलों की कटाई की जा रही है और विरोध करने वालों पर ईडी की कार्रवाई की जा रही है।
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला?
छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा की गड़बड़ी की बात सामने आई है।
ED की जांच के मुताबिक, पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में
IAS अफसर अनिल टुटेजा
आबकारी विभाग के तत्कालीन MD एपी त्रिपाठी
व्यवसायी अनवर ढेबर
के सिंडिकेट ने इस घोटाले को अंजाम दिया।
इसमें सरकारी शराब दुकानों में फर्जी आपूर्ति, अवैध कमीशन और शराब के कारोबार में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
चैतन्य बघेल को 22 जुलाई तक रिमांड पर लिया गया
ED ने 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया और कोर्ट से 22 जुलाई तक रिमांड पर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, रायपुर के ED ऑफिस में चैतन्य से पूछताछ की जा रही है।
