लद्दाख में हिमस्खलन की चपेट में आए एमपी के जवान हरिओम नागर शहीद, मंगलवार को टूटियाहेड़ी में सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के टूटियाहेड़ी गांव के जवान हरिओम नागर (22) लद्दाख के लेह में रविवार को ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आकर शहीद हो गए। बड़े पहाड़ के टूटकर गिरने से हरिओम नागर की मौके पर ही मौत हो गई। वे अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और पिछले साल ही उनका चयन हुआ था।

हरिओम नागर के शहीद होने की खबर से उनके गांव टूटियाहेड़ी और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। गांव के लोग, रिश्तेदार और आसपास के ग्रामीण लगातार शहीद के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

मंगलवार को होगा अंतिम संस्कार
शहीद हरिओम नागर का पार्थिव शरीर सोमवार को फ्लाइट से भोपाल लाया गया। वहां से सेना के वाहन से सोमवार रात पचोर पहुंचाया गया। मंगलवार सुबह 8 बजे पचोर के महारानीबाग से शव यात्रा शुरू होगी, जो खुजनेर होते हुए टूटियाहेड़ी पहुंचेगी। सुबह 11 बजे पूरे सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इस दौरान प्रदेश के राज्यमंत्री गौतम टेटवाल भी अंतिम यात्रा में शामिल होंगे। लीमाचौहान थाना प्रभारी अनिल राहोरिया ने बताया कि अंतिम यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए 70 पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है।

परिवार में मातम, पूरे गांव में शोक
हरिओम नागर एक सप्ताह पहले ही छुट्टी पर घर आए थे। उनके पिता दुर्गाप्रसाद नागर गांव में खेती करते हैं। बड़ा भाई बालचंद नागर निजी कंपनी में काम करता है। मां कला बाई और दादा पन्नालाल नागर भी परिवार में हैं। बेटे के शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

शहीद के बलिदान को बताया गया गर्व की बात
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने सोमवार को शहीद के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने हरिओम के बलिदान को देश की शान बताया और कहा कि उनके शौर्य से टूटियाहेड़ी और सारंगपुर के युवाओं में देश सेवा की भावना और मजबूत हुई है। ग्रामीणों ने शासन से शहीद के परिवार को उचित सहायता और सम्मान देने की मांग की है।