प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे ब्रिटेन, मुक्त व्यापार समझौते और रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस मालदीव की स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार रात ब्रिटेन के दो दिवसीय दौरे पर लंदन पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। प्रवासी भारतीयों ने पारंपरिक परिधानों में नृत्य कर, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ जैसे नारों से प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत किया। कई समर्थक मोदी के समर्थन में पोस्टर लिए हुए होटल के बाहर मौजूद रहे।

पीएम मोदी के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-ब्रिटेन के बीच आर्थिक, रणनीतिक और क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूती देना है। लंदन प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर और किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात करेंगे। स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय बैठक दो चरणों में होगी, जिसमें व्यापार, रक्षा, स्वास्थ्य, जलवायु, तकनीकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी।

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर तय

इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होना है। यह समझौता भारत के 99% निर्यात पर टैरिफ में कटौती करेगा, जिससे वस्त्र, चमड़ा, और इंजीनियरिंग क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। बदले में ब्रिटेन की व्हिस्की, ऑटोमोबाइल और मेडिकल उपकरणों को भारतीय बाजार में प्रवेश मिलेगा।

भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2023-24 में 55 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। ब्रिटेन भारत में छठा सबसे बड़ा निवेशक है, जबकि भारत ने यूके में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश किया है। वहां करीब 1,000 भारतीय कंपनियां कार्यरत हैं, जो एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं।

ब्रिटेन के बाद मालदीव यात्रा

ब्रिटेन यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 24 जुलाई की शाम को मालदीव के लिए रवाना होंगे। वह मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर 26 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। यह यात्रा भारत-मालदीव के राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री की यह दो देशों की यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता और रणनीतिक विस्तार को दर्शाती है।