यमन में भारतीय नर्स को बड़ी राहत: निमिषा प्रिया की फांसी की सजा रद्द भारतीय प्रयासों और कूटनीतिक संवाद का दिखा असर

यमन में फांसी की सजा का सामना कर रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को बड़ी राहत मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद उनकी मौत की सजा को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। हालांकि अब तक यमनी सरकार या भारत सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने भारतीय ग्रैंड मुफ्ती एपी अबुबकर मुसलैयार के दफ्तर के हवाले से बताया कि पहले सजा को निलंबित किया गया था और अब उसे पूरी तरह पलट दिया गया है। बताया गया है कि यमन की राजधानी सना में हुई एक अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसी जेल में 38 वर्षीय निमिषा पिछले कई वर्षों से सजा काट रही हैं।

हत्या का मामला और फांसी की सजा

केरल के पलक्कड़ की रहने वाली नर्स निमिषा प्रिया पर वर्ष 2017 में यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या का आरोप था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निमिषा और तलाल ने मिलकर यमन में एक क्लीनिक शुरू किया था, लेकिन बाद में दोनों के बीच रिश्तों में दरार आ गई। तलाल ने कथित रूप से निमिषा को प्रताड़ित किया और खुद को उसका पति भी बताने लगा। इतना ही नहीं, उसका पासपोर्ट भी अपने कब्जे में रख लिया था।

बताया गया कि निमिषा ने तलाल को बेहोश कर पासपोर्ट वापस लेने की कोशिश की, लेकिन ड्रग ओवरडोज के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद निमिषा को गिरफ्तार किया गया और वर्ष 2018 में उन्हें हत्या का दोषी करार देते हुए 2020 में फांसी की सजा सुनाई गई थी। उनकी अंतिम अपील 2023 में खारिज कर दी गई थी।

भारत सरकार का प्रयास

भारत सरकार, विशेषकर विदेश मंत्रालय, इस मामले को लेकर लगातार यमन प्रशासन के संपर्क में रहा है। कई मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी निमिषा की सजा रद्द करवाने के लिए अभियान चलाया। इस बीच ग्रैंड मुफ्ती की ओर से मिली जानकारी राहत की खबर जरूर है, लेकिन अंतिम निर्णय तब तक स्पष्ट नहीं होगा, जब तक यमन सरकार और भारत के विदेश मंत्रालय की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आती।

अगला कदम

अब नजरें यमन सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और भारत सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर यह फैसला सच साबित होता है, तो यह कूटनीतिक स्तर पर भारत के लिए बड़ी सफलता और निमिषा प्रिया तथा उनके परिवार के लिए जीवनदान होगा।