650 करोड़ के मेडिकल सप्लाई घोटाले की जांच में तेज़ी, सीआरपीएफ जवानों के साथ दबिश
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) से जुड़े 650 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। दुर्ग जिले में मोक्षित कॉर्पोरेशन के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
एक साथ तीन ठिकानों पर कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, ईडी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने दुर्ग में मोक्षित कॉर्पोरेशन के तीन आवासीय परिसरों और कार्यालयों को निशाना बनाया। इस दौरान कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक अधिकारी शामिल रहे, वहीं सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को सौंपी गई थी। छापेमारी के दौरान पूरे परिसर को चारों ओर से घेर लिया गया और किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
दस्तावेज़ और डिजिटल डाटा जब्त
छापेमारी के दौरान टीमों ने संदिग्ध दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि इन ठिकानों से सीजीएमएससी घोटाले से जुड़ी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। जांच एजेंसियों को शक है कि मेडिकल सप्लाई और टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई है, जिसमें कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया।
क्या है पूरा मामला?
सीजीएमएससी के माध्यम से राज्य के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को दवाएं, चिकित्सा उपकरण और अन्य सामग्री की आपूर्ति की जाती है। इस सप्लाई में कथित तौर पर फर्जी बिलिंग, घटिया गुणवत्ता की सप्लाई और गैरकानूनी टेंडरिंग प्रक्रिया से सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
