नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025।
देश के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। चुनाव आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया है कि 9 सितंबर 2025 को मतदान कराया जाएगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 21 अगस्त तय की गई है। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली से लेकर सभी दलों के कार्यालयों में सियासी हलचल तेज हो गई है।
🗓️ चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम
7 अगस्त 2025: चुनाव का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होगा
21 अगस्त 2025: नामांकन भरने की आखिरी तारीख
22 अगस्त 2025: नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी)
25 अगस्त 2025: नाम वापस लेने की अंतिम तिथि
9 सितंबर 2025: मतदान (सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक)
इस चुनाव में राज्यसभा के 245 (233 निर्वाचित + 12 मनोनीत) सदस्य और लोकसभा के 543 सांसद मतदाता के रूप में हिस्सा लेंगे। कुल मिलाकर 788 सांसद उपराष्ट्रपति के चयन में भाग लेंगे। मतदान की प्रक्रिया गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट) के जरिए की जाएगी, जिससे क्रॉस वोटिंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
🤝 विपक्ष उतारेगा उम्मीदवार या होगा निर्विरोध चुनाव?
फिलहाल सभी की निगाहें विपक्षी दलों पर टिकी हैं। यदि विपक्ष कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं करता, तो सत्ताधारी पक्ष का उम्मीदवार निर्विरोध उपराष्ट्रपति बन सकता है। हालांकि अभी तक किसी भी दल ने अधिकृत रूप से अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
🛑 धनखड़ के इस्तीफे से खाली हुआ पद
गौरतलब है कि 21 जुलाई 2025 को मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। जबकि उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। उनके इस्तीफे के बाद से यह संवैधानिक पद रिक्त हो गया है, जिसे भरने के लिए यह चुनाव कराया जा रहा है।
📌 उपराष्ट्रपति का चुनाव – संसद के भीतर सांसदों द्वारा होता है चयन
भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्यों द्वारा किया जाता है, लेकिन इसमें विधानसभाओं की कोई भूमिका नहीं होती। यह चुनाव राष्ट्रिय महत्व का संवैधानिक पद भरने की प्रक्रिया है, जिसमें राजनीतिक संतुलन की झलक भी देखने को मिलती है।
