पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का 79 वर्ष की आयु में निधन, देशभर में शोक की लहर

नई दिल्ली, 5 अगस्त 2025: भारतीय राजनीति के वरिष्ठ नेता और कई राज्यों के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। राजनीतिक, सामाजिक और किसान संगठनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।

बेबाक वक्ता, किसान हितों के पैरोकार

सत्यपाल मलिक अपनी बेबाक राजनीतिक शैली, समाजवादी सोच और किसानों के मुद्दों पर मुखर रुख के लिए जाने जाते थे। उन्होंने विभिन्न राज्यों – जम्मू-कश्मीर, गोवा, बिहार और मेघालय – में राज्यपाल की जिम्मेदारी निभाई और कई जटिल दौरों में प्रशासन को नेतृत्व प्रदान किया।

विशेषकर किसान आंदोलन के समय उनके बयानों ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी थी। वे केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करने से भी पीछे नहीं हटे और उन्होंने बार-बार किसानों के पक्ष में खुलकर अपनी राय रखी।

राजनीतिक जीवन की झलक

सत्यपाल मलिक ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत समाजवादी आंदोलन से की थी। वे जनता दल, समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस जैसी प्रमुख पार्टियों से जुड़े रहे। संसद के दोनों सदनों – लोकसभा और राज्यसभा – के सदस्य भी रह चुके थे।

उनका लंबा राजनीतिक सफर भारतीय लोकतंत्र के कई महत्वपूर्ण मोड़ों का गवाह रहा। वे उन चुनिंदा नेताओं में से थे, जिन्होंने सत्ता में रहते हुए भी व्यवस्था की आलोचना करने का साहस दिखाया।

राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक

प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं ने सत्यपाल मलिक के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों की लंबी कतार है।

राष्ट्रपति के शोक संदेश में कहा गया:

> “सत्यपाल मलिक जी एक निर्भीक और जनप्रिय नेता थे, जिन्होंने सदा देश और लोकतंत्र के हित में आवाज उठाई। उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।”