भोपाल में खेल प्रतिभाओं का सम्मान: शिखर खेल अलंकरण समारोह में विक्रम, एकलव्य और विश्वामित्र पुरस्कारों से नवाजे गए खिलाड़ी और कोच

भोपाल, 5 अगस्त 2025 — मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में मंगलवार को शिखर खेल अलंकरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रम, एकलव्य, विश्वामित्र और लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कारों से प्रदेश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों और कोचों को सम्मानित किया।

इस बार 11 खिलाड़ियों को विक्रम पुरस्कार, 11 को एकलव्य पुरस्कार, तीन अनुभवी कोचों को विश्वामित्र पुरस्कार और एक को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। साथ ही, 38वें नेशनल गेम्स 2025 में मध्यप्रदेश के लिए पदक जीतने वाले 82 खिलाड़ियों को भी मंच से सम्मानित किया गया। इनमें 34 स्वर्ण, 25 रजत और 23 कांस्य पदक विजेता शामिल हैं।

एक विक्रम पुरस्कार पर कोर्ट का स्टे

हालांकि समारोह से पहले एक विवाद भी सामने आया। छिंदवाड़ा की पर्वतारोही भावना डेहरिया को दिए जाने वाले विक्रम पुरस्कार को इंदौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद होल्ड कर दिया गया। भावना के चयन को पर्वतारोही मधुसूदन पाटीदार ने चुनौती दी थी।

कोर्ट ने राज्य सरकार से सात सप्ताह में जवाब मांगा था, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर कोर्ट ने आदेश दिया कि जब तक इस मामले में निर्णय नहीं होता, तब तक विक्रम पुरस्कार (स्पेशल एडवेंचर कैटेगरी) किसी को न दिया जाए।

सीएम बोले: खिलाड़ी भावना ही जीवन बदलती है

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह में संबोधित करते हुए कहा,

> “विश्वामित्र जी ने जब भगवान राम को राक्षसों से लड़ने के लिए मांगा था, तब से उनका जीवन बदल गया। यह खिलाड़ी भावना का ही प्रतीक है। यही भावना किसी भी व्यक्ति को असाधारण बना सकती है।”

 

सीएम ने कहा कि खेल न केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम हैं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन और जीवन के उच्चतम मूल्यों की ओर भी ले जाते हैं।

इस मौके पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश खेल के क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य बनेगा।

पुरस्कार विजेताओं का जोश और उत्साह

इस अलंकरण समारोह में खिलाड़ियों और उनके परिजनों में खासा उत्साह देखने को मिला। राज्य सरकार द्वारा इस प्रकार के आयोजनों को प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।