बिलासपुर, 7 अगस्त 2025 स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के बीच बिलासपुर जिले की महिलाएं देशभक्ति के रंग में रंगी हुई हैं। जिले के गनियारी स्थित नारी शक्ति गारमेंट फैक्ट्री इन दिनों “हर घर तिरंगा” अभियान के तहत 1.50 लाख से अधिक तिरंगा झंडों के निर्माण में जुटी हुई है। इस जिम्मेदारी को निभा रही हैं बिहान योजना से जुड़ी 30 स्व-सहायता समूहों की 100 से ज्यादा महिलाएं, जिन्हें स्थानीय लोग सम्मानपूर्वक ‘दीदी’ कहकर बुलाते हैं।
यह तिरंगे जिले के विभिन्न शासकीय-अशासकीय संस्थानों, दुकानों, घरों और आम नागरिकों तक पहुंचाए जाएंगे। महिलाओं की इस भागीदारी ने न सिर्फ उन्हें आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि देशभक्ति और आत्मसम्मान का भाव भी जागृत किया है।
तिरंगे की हर कड़ी में महिलाओं का योगदान
तिरंगा निर्माण की पूरी प्रक्रिया— धागा कातने से लेकर सिलाई, प्रेस और पैकिंग तक — पूरी तरह इन महिलाओं द्वारा ही की जा रही है। इसमें शामिल दीदी राजेश्वरी यादव और नंदिनी साहू बताती हैं कि उन्हें इस कार्य से प्रतिदिन करीब 500 रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। इससे ना सिर्फ उनकी आजीविका सशक्त हुई है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी मिली है।
“देश सेवा से सीधा जुड़ाव”
तिरंगा निर्माण को लेकर महिलाओं का कहना है कि यह कार्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि देशभक्ति और सेवा का प्रतीक है। उनके लिए यह कार्य आत्मगौरव का विषय बन चुका है। समूहों को ऑर्डर लगातार मिल रहे हैं, जिससे उत्साह और ऊर्जा में कोई कमी नहीं है।
नारी शक्ति फैक्ट्री की अध्यक्ष मीना मानिकपुरी ने बताया कि लगातार विभिन्न विभागों और संस्थानों से झंडे के ऑर्डर आ रहे हैं। महिलाएं दिन-रात मेहनत कर रही हैं ताकि समय पर हर ऑर्डर पूरा किया जा सके।
जिला प्रशासन का सहयोग
जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने बताया कि पिछले साल की तरह इस वर्ष भी जिले में तिरंगा निर्माण का कार्य महिलाओं को ही सौंपा गया है। यह झंडे सस्ती दरों पर जिलेवासियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला पंचायत परिसर में महिलाओं द्वारा स्टॉल लगाकर तिरंगे की बिक्री की जा रही है।
