केंद्र सरकार ने ‘मेरिट’ (MERITE) योजना को दी मंजूरी….

11 अगस्त 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च इम्प्रूवमेंट इनटेक्निकल एजुकेशन’ (MERITE)योजना को मंजूरी दी है। यह योजना देशभर के 275 तकनीकी संस्थानों — जिनमें 175 इंजीनियरिंग कॉलेज और 100 पॉलिटेक्निक शामिल हैं — में लागू होगी। योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के अनुरूप तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, समानता और प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करना है।

यह केंद्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme) होगी, जिसकी कुल लागत ₹4,200 करोड़ होगी। इसमें से ₹2,100 करोड़ का ऋण विश्व बैंक से मिलेगा। योजना की अवधि 2025-26 से 2029-30 तक होगी। इस योजना के अंतर्गत चुने गए सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त तकनीकी संस्थान — जैसे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs), राज्य इंजीनियरिंग संस्थान, पॉलिटेक्निक और संबद्ध तकनीकी विश्वविद्यालय (ATUs) — को सहायता दी जाएगी।कुल मिलाकर 7.5 लाख छात्र-छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में डिजिटलीकरण रणनीतियों का विकास।तकनीकी पाठ्यक्रमों में बहु-विषयी (multidisciplinary) कार्यक्रमों के दिशा-निर्देश तैयार करना। छात्रों के सीखने और रोजगार-योग्यता में वृद्धि। अनुसंधान और नवाचार के लिए सशक्त वातावरण। संस्थागत मान्यता (accreditation) और गुणवत्ता आश्वासन में सुधार।श्रम बाजार के अनुरूप पाठ्यक्रम और ब्लेंडेड कोर्स का विकास। महिला शिक्षकों सहित भविष्य के शैक्षणिक प्रशासकों का प्रशिक्षण।

योजना को केंद्रीय नोडल एजेंसी के माध्यम से लागू किया जाएगा और धन सीधे केंद्र सरकार से संबंधित संस्थानों को हस्तांतरित होगा। आईआईटी, आईआईएम, एआईसीटीई, एनबीए जैसे प्रतिष्ठित संस्थान और नियामक निकाय भी इसके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम अद्यतन। इंटर्नशिप अवसर, फैकल्टी विकास कार्यक्रम, और रिसर्च हब की स्थापना। इनक्यूबेशन सेंटर, मेकर लैब, स्किल लैब और भाषा कार्यशालाओं का संचालन।इन पहलों से इंजीनियरिंग छात्रों की प्लेसमेंट दर में वृद्धि होगी और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी।