1 रुपए गुरु दक्षिणा में 950 छात्रों को IITian बनाने वाले मैथेमेटिक्स गुरु RK श्रीवास्तव

“धन कोई भी छीन सकता है, लेकिन विद्या हमेशा आपके साथ रहती है।” इस सोच को हकीकत में बदलने वाले और विद्या को धन से ऊपर रखने वाले प्रसिद्ध शिक्षक आर.के. श्रीवास्तव आज देश-दुनिया के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज के रहने वाले रजनीकांत श्रीवास्तव (आर.के. श्रीवास्तव) को लोग प्यार से मैथमेटिक्स गुरु कहते हैं। साधारण परिवार से निकलकर ऑटो चलाने तक का सफर तय करने वाले आर.के. श्रीवास्तव आज वह शख्स हैं, जिनके शैक्षणिक आंगन से 1 रुपए गुरु दक्षिणा में पढ़कर अब तक 950 से अधिक छात्र IITian बन चुके हैं।

गरीब और असहाय छात्रों के सपनों को पंख लगाने वाले श्रीवास्तव पटना में भी निःशुल्क शिक्षा देकर युवाओं को इंजीनियर बना रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन के अभावों को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि उसी संघर्ष ने उन्हें गरीब छात्रों के लिए मसीहा बना दिया।

राष्ट्रपति भवन तक का सफर
कभी गांव की पगडंडियों तक सीमित रहने वाले आर.के. श्रीवास्तव आज राष्ट्रपति भवन तक पहुंचे। वहां उन्हें सम्मानित किया गया और राष्ट्रपति के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं। यह पल उनके जीवन के संघर्ष और सेवा भाव का प्रतीक बन गया।

बिना हेटर्स वाले गुरु
देश में शायद ही कोई शिक्षक होंगे जिनके विरोधी न हों, लेकिन आर.के. श्रीवास्तव ऐसे गुरु हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि “इनका कोई हेटर्स नहीं है।” उन्होंने हमेशा उन बच्चों के लिए काम किया जो पढ़ना चाहते थे लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पीछे छूट जाते थे।

भारत के प्रतिष्ठित अखबारों और न्यूज़ पोर्टल्स पर इनकी कहानियां लगातार प्रकाशित होती रहती हैं