रायपुर में डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का खुलासा, साइबर पुलिस ने 5 आरोपी दबोचे

रायपुर। राजधानी में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड मामलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए रेंज साइबर पुलिस ने कंबोडिया गैंग से जुड़े 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी देशभर में लोगों को डरा-धमकाकर करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने इन्हें दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह पूरी कार्रवाई ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत की गई।

ऐसे किया गया पहला फ्रॉड

पुरानी बस्ती निवासी रामेश्वर प्रसाद देवांगन को एक अज्ञात कॉल आया। कॉलर ने खुद को सीबीआई और आरबीआई अधिकारी बताया और कहा कि उनके मोबाइल नंबर से मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज हुआ है। आरोपी ने रामेश्वर को लगातार 24 घंटे तक व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर जोड़े रखा और “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर 14 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

दूसरा मामला – 88 लाख की ठगी

इसी तरह पुरानी बस्ती के ही संतोष दाबडघाव को ठगों ने बेंगलुरु टेलीकॉम विभाग और मुंबई पुलिस का अफसर बनकर कॉल किया। आरोपियों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर 88 लाख रुपए की ठगी कर ली।

बड़े पैमाने पर पुलिस की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद रायपुर रेंज IG अमरेश मिश्रा ने तुरंत ऑपरेशन साइबर शील्ड शुरू करने के निर्देश दिए। इसके तहत 60 से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की टीम विभिन्न राज्यों में भेजी गई।

हाथरस (उत्तर प्रदेश) से – मनीष पाराशर और अर्जुन सिंह गिरफ्तार

मुंबई (उल्हासनगर) और अहमदनगर (महाराष्ट्र) से – आकाश तुशरानी और राहुल मरकड़ गिरफ्तार

उज्जैन (मध्यप्रदेश) से – लखन जाटव गिरफ्तार

ये आरोपी ठगी की रकम को देश और विदेश में इधर-उधर करने का काम कर रहे थे।

न्यायिक रिमांड पर भेजे गए

सभी 5 आरोपियों को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही ठगी गई रकम को होल्ड करने और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।