“कलेक्टर को भाजपा का गुलाम बताया, फिर कुत्ते को ज्ञापन सौंपा” – नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का विवादित बयान

धार/छिंदवाड़ा, 22 अगस्त 2025 — मध्यप्रदेश की राजनीति में उस वक्त नया तूफ़ान आ गया जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को लेकर तीखा और आपत्तिजनक बयान दिया। सिंघार ने छिंदवाड़ा में कलेक्टर के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए उन्हें “भाजपा का गुलाम” बताया और मंच से कहा कि “अगर गुलाम हैं तो भाजपा, आरएसएस की चड्डी पहन लें।”

उमंग सिंघार गुरुवार को धार में कांग्रेस जिला अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी के पदभार ग्रहण समारोह में बोल रहे थे। मंच से उन्होंने कहा,

> “आप कलेक्टर हो। जब नौकरी जॉइन करते हो तो कहा जाता है कि जनता के नौकर हो, लेकिन ये तो भाजपा के नौकर बन गए।”

 

“कुत्ते को कलेक्टर बनाकर दिया ज्ञापन”

यह विवाद तब शुरू हुआ जब 20 अगस्त को कांग्रेस नेताओं ने छिंदवाड़ा में खाद संकट और किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पीसीसी प्रमुख जीतू पटवारी, उमंग सिंघार समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। जब कांग्रेस नेता कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुँचे, तो प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया और पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया।

इससे नाराज होकर सिंघार ने प्रदर्शन के दौरान एक कुत्ते को बुलवाया और उसके गले में ज्ञापन बांध दिया। इस प्रतीकात्मक विरोध के ज़रिए उन्होंने कलेक्टर के न आने पर कटाक्ष किया।

सिंघार ने मंच से यह भी कहा –

> “कलेक्टर इतना डरपोक है कि सामने नहीं आया। इसलिए हमने कुत्ते को बुलाया और उसे कलेक्टर बना दिया। फिर हमने और जीतू पटवारी ने उसे ज्ञापन सौंपा।”

 

“जो पार्टीबाजी करेगा, उसे दिखाएंगे राम नाम सत्य”

उमंग सिंघार ने मंच से आईएएस अधिकारियों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा –

> “मैं सभी अफसरों की बात नहीं कर रहा, लेकिन जो कलेक्टर और आईएएस पार्टीबाजी करेगा, उसको हम भी बताएंगे कि राम नाम सत्य भी होता है। क्या हमारी सरकार नहीं आएगी? ज़रूर आएगी। जो दादागिरी करेगा, उसके साथ कांग्रेस सख्ती से पेश आएगी।”

कलेक्टर बोले – ‘इस पर कुछ नहीं कहूंगा’

इस पूरे विवाद पर जब मीडिया ने छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा –

> “मैं राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं। इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार करता हूं।”