रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर में बाढ़ प्रभावितों को दी जा रही राहत सामग्री को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैज ने कहा कि प्रशासन गरीबों और पीड़ितों के साथ मजाक कर रहा है।
बैज ने राहत सामग्री का विवरण रखते हुए बताया कि बाढ़ पीड़ितों को केवल एक-एक पाव दाल, चावल और तेल दिया गया है। इतना ही नहीं, मात्र 10-10 रुपए के सोयाबीन बड़ी और चना के छोटे पैकेट राहत के नाम पर बांटे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन परिवारों के पास बर्तन और पानी तक नहीं है, उन्हें सूखा राशन देकर आखिर किस तरह की मदद की जा रही है?
“बाढ़ पीड़ितों को मिले 50-50 हजार की तत्काल सहायता”
दीपक बैज ने मांग की कि बस्तर में जिन परिवारों ने बाढ़ में अपना घर, खेती, पशुधन और जीवनभर की कमाई खो दी है, उन्हें तुरंत 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए। आगे नुकसान का आकलन कर अतिरिक्त मुआवजा भी प्रदान किया जाए।
मुख्यमंत्री के दौरे पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के बस्तर दौरे को खानापूर्ति करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम ने केवल औपचारिकता निभाई, महज दो-तीन प्रभावित परिवारों को राहत का चेक और कुछ लोगों को साड़ियां बांटी गईं। बैज का दावा है कि कुछ पीड़ितों को फटी हुई साड़ियां दी गईं और शिकायत करने पर उन्हें थाने में घंटों बैठाकर रखा गया।
उन्होंने कहा कि पक्के मकान के लिए केवल 1 लाख 20 हजार और कच्चे मकान के लिए 10 हजार रुपए मुआवजे की घोषणा की गई है, जबकि यह राशि बढ़ाकर क्रमशः 10 लाख और 5 लाख रुपए की जानी चाहिए।
डीएमएफ फंड पर उठाए सवाल
बैज ने कहा कि दंतेवाड़ा जिला हर साल लगभग 1000 करोड़ रुपए का डीएमएफ फंड प्राप्त करता है, लेकिन राहत सामग्री इस तरह बांटी जा रही है मानो यह मजाक हो। उन्होंने पूछा कि आखिर इतना बड़ा फंड कहां खर्च हो रहा है?
विशेष राहत पैकेज और अवसंरचना की मांग
बैज ने सरकार से बस्तर के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से पुल-पुलिए और सड़कें बह जाने के कारण कई गांव मुख्य सड़कों से कट गए हैं, जिससे राहत पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सरकार को तुरंत पुल-पुलियों और मार्गों का निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए।
