नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों को बड़ी राहत देने वाले कई अहम फैसले लिए गए हैं। अब कारोबारियों को जीएसटी रिफंड के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिन मामलों में धोखाधड़ी या रिफंड पर शक की गुंजाइश नहीं है, वहां सिर्फ सात दिनों में रिफंड जारी कर दिया जाएगा। इससे कारोबारियों की कार्यशील पूंजी पर दबाव नहीं पड़ेगा।
पंजीयन होगा आसान
नए कारोबारियों के लिए जीएसटी पंजीयन प्रक्रिया को भी बेहद आसान बना दिया गया है। अब कोई भी नया व्यापारी मात्र तीन दिनों में जीएसटी नंबर हासिल कर सकेगा। विभाग अगले सप्ताह इन निर्णयों की अधिसूचना जारी करेगा।
22 सितंबर से नई दरें लागू
जीएसटी काउंसिल ने 300 से अधिक वस्तुओं पर जीएसटी दरों में बदलाव किया है। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। कारोबारियों को अपने बही-खाते और स्टॉक समायोजन के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
बिलिंग और पेमेंट पर स्पष्ट नियम
अप्रत्यक्ष कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि –
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यदि माल 22 सितंबर से पहले भेजा गया और भुगतान बाद में हुआ तो नई दर से जीएसटी लागू होगा।
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यदि भुगतान पहले हो गया और माल 22 सितंबर के बाद भेजा गया तो पुरानी दर लागू होगी।
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कच्चे माल की खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट पुराने रेट के आधार पर मिलेगा, चाहे दरें बाद में बदल जाएं।
मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम: गोयल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने फैसलों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मोदी सरकार लगातार करों का बोझ कम करने में लगी है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले देश में 30-35 तरह के टैक्स, ड्यूटी और लेवी का बोझ था। मोदी सरकार ने इस मकड़जाल से देश को मुक्त कर एक देश-एक टैक्स प्रणाली लागू की।
