नेपाल की राजनीति में बड़ा फेरबदल हुआ है। देशभर में जेन-जी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक प्रदर्शनों के बाद अब पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। इस अंतरिम सरकार का मुख्य उद्देश्य जल्द से जल्द नए आम चुनाव कराना और देश में शांति व्यवस्था बनाए रखना होगा।
इस बीच काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह (Balendra Shah) का फेसबुक पोस्ट चर्चा में है। शाह ने साफ किया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री पद क्यों नहीं स्वीकार किया।
शाह ने क्या कहा?
बालेंद्र शाह ने लिखा—
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“प्रिय जेन-जी और सभी नेपाली नागरिकों, यह देश अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रहा है। कृपया घबराएं नहीं, धैर्य रखें। अब देश को एक अंतरिम सरकार मिलने वाली है, जो चुनाव कराएगी और जनता को नया जनादेश देगी।”
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“मैं सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपने के प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करता हूं। इससे साबित होता है कि आप सभी कितने परिपक्व हैं।”
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“मेरे वे मित्र जो जल्दबाजी में नेतृत्व चाहते हैं, उनसे कहना चाहता हूं कि देश को आपकी ईमानदारी और सोच की स्थायी रूप से जरूरत है, न कि अस्थायी रूप से। इसके लिए चुनाव होंगे। कृपया अधीर न हों।”
क्यों नहीं बने पीएम?
बालेंद्र शाह ने परोक्ष रूप से संकेत दिया कि वह अभी सत्ता की बागडोर नहीं संभालना चाहते। उनका मानना है कि अंतरिम सरकार का उद्देश्य सिर्फ चुनाव कराना और स्थिरता लाना है। शाह चाहते हैं कि वे भविष्य में जनता के जनादेश के जरिए सत्ता में आएं, ताकि उनकी पकड़ और वैधता मजबूत बनी रहे।
आगे क्या?
राष्ट्रपति जल्द ही संसद भंग करने और अंतरिम सरकार को औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपने की घोषणा करेंगे। इसके बाद नेपाल में नए आम चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा।
