रायपुर। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर से हो रही है। राजधानी रायपुर में दुर्गा पूजा को लेकर समितियों में जबरदस्त उत्साह है। कालीबाड़ी चौक से लेकर माना कैंप, माना बाजार और डब्ल्यूआरएस कॉलोनी तक तैयारियां जोरों पर हैं। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए जुटते हैं।
माना कैंप: अक्षरधाम की तर्ज पर 70 फीट पंडाल
माना कैंप में 1964 से पूजा का आयोजन हो रहा है। इस बार यहां अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर 70 फीट ऊंचा भव्य पंडाल तैयार हो रहा है। समिति अध्यक्ष रंजीत डे ने बताया कि करीब 40 लाख रुपए का बजट रखा गया है। कोलकाता से आए 30 कारीगर पिछले एक महीने से पंडाल निर्माण में जुटे हैं। यहां 27 सितंबर से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होंगे।
माना बाजार: दक्षिणेश्वर काली मंदिर की झलक
माना बाजार में 51वें साल पूजा का आयोजन होगा। यहां इस बार 50 फीट ऊंचा पंडाल कोलकाता के प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर बन रहा है। समिति के मणितोष विश्वास ने बताया कि करीब 25 लाख रुपए के बजट से डेढ़ महीने से 20 कारीगर पंडाल निर्माण में लगे हैं। 27 सितंबर से यहां भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
डब्ल्यूआरएस कॉलोनी: बिलासपुर हाईकोर्ट की तर्ज पर राजदरबार
डब्ल्यूआरएस कॉलोनी की दुर्गा पूजा राजधानी ही नहीं, पूरे प्रदेश में विख्यात है। इस बार यहां बिलासपुर हाईकोर्ट की तर्ज पर 45 फीट ऊंचा पंडाल सजाया जा रहा है। श्री श्री दुर्गा एवं लक्ष्मी पूजा समिति के संरक्षक देवाशीष मुखर्जी ने बताया कि पंडाल के अंदर माता का राजदरबार होगा, जिसमें देवी के साथ भगवान शिव राजसिंहासन पर विराजेंगे।
कालीबाड़ी चौक में 93वां दुर्गोत्सव
शहर की सबसे पुरानी कालीबाड़ी चौक स्थित कालीबाड़ी में लगातार 93वें वर्ष दुर्गोत्सव मनाया जाएगा। इसके अलावा पंडरी सिटी महा कालीबाड़ी, शिवानंदनगर, टाटीबंध, गुढ़ियारी और भनपुरी कालीबाड़ी समितियों में भी जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। सभी जगह पंडालों का बांस का ढांचा लगभग तैयार कर लिया गया है।
