पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के लिए 19 सितंबर को बस स्टैंड खाली, 400 से ज्यादा बसें वैकल्पिक स्थानों से चलेंगी

दुर्ग। जिले में 19 सितंबर को होने वाले पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को लेकर प्रशासन ने बड़ी तैयारी की है। सम्मेलन स्थल और वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए शहर का मुख्य बस स्टैंड एक दिन के लिए खाली कराया जाएगा। यहां से रोजाना चलने वाली चारों दिशाओं की करीब 400 से ज्यादा बसों का संचालन वैकल्पिक स्थानों से होगा।

स्पेशल रूट और डायवर्जन प्लान तैयार
यातायात पुलिस ने इसके लिए स्पेशल रूट प्लान बनाया है और RTO ने नया रूट चार्ट जारी कर दिया है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधायक और सांसद समेत कई वीआईपी शिरकत करेंगे। भीड़ और ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए बसों की शिफ्टिंग, पार्किंग और डायवर्जन की व्यवस्था की गई है।

शहर में भारी वाहनों पर रोक
19 सितंबर को शहर की सीमाओं में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। अलग-अलग जिलों से आने वाली बसों के लिए अलग पार्किंग स्थल तय किए गए हैं—

बालोद, अर्जुंदा, डोंगरगढ़, दल्लीराजहरा, धमतरी, राजनांदगांव और खैरागढ़ से आने वाली बसें रक्षित केन्द्र और जीवन प्लाजा के सामने खड़ी होंगी।

रायपुर, राजनांदगांव, धमधा, कवर्धा और बेमेतरा की ओर से आने वाली बसों के लिए ग्रीन चौक (बायपास मार्ग) पर पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।

पाटन मार्ग से आने वाली बसों के लिए समृद्धि बाजार के सामने हॉकी मैदान पार्किंग स्थल बनाया गया है।

आपात स्थिति में ई-रिक्शा और ऑटो उपलब्ध
पुलिस प्रशासन ने बताया कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए ई-रिक्शा और ऑटो की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर इन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।

बस मालिकों को दिए गए निर्देश
यातायात और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बस स्टैंड का निरीक्षण कर बस मालिकों से बैठक की। उन्हें वैकल्पिक रूट और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। सभी बस संचालकों ने नए रूट से बसें चलाने पर सहमति दी है।