चंडीमाता मंदिर के पास भालू को कोल्डड्रिंक पिलाने वाला युवक गिरफ्तार: वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

महासमुंद, 17 सितंबर 2025
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित प्रसिद्ध चंडीमाता मंदिर के पास एक भालू को कोल्डड्रिंक (माजा) पिलाने के मामले में युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग की नजर में आई। आरोपी युवक की पहचान करण धुरी के रूप में हुई है, जो बिलासपुर जिले के तखतपुर का रहने वाला है।

क्या है पूरा मामला?

4 सितंबर को करण धुरी चंडीमाता मंदिर के पास एक भालू को कोल्डड्रिंक की बोतल पिलाते हुए वीडियो बना रहा था। उसने इंस्टाग्राम रील के लिए जानबूझकर भालू के सामने माजा की बोतल रखी। भालू ने बोतल उठाई और आराम से पी गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसके बाद वन विभाग ने संज्ञान लिया।

भालू मंदिर परिसर में क्यों आते हैं?

चंडीमाता मंदिर जंगल के बीच स्थित है और यहां लंबे समय से भालुओं का आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि भालू माता के भक्त हैं, इसलिए मंदिर आते हैं। ये भालू इंसानों के बीच घुल-मिल चुके हैं और अब तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। लोग अक्सर उन्हें खाने-पीने की चीजें दे देते हैं, जो कि वन्यजीव अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है।

कानूनी कार्रवाई

12 सितंबर को युवक के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। अनुविभागीय वन अधिकारी गोविंद सिंह के अनुसार, आरोपी की पहचान होने के बाद बागबाहरा के वन परिक्षेत्र अधिकारी लोकनाथ ध्रुव की टीम ने बिलासपुर जाकर युवक को गिरफ्तार किया।

वन्यजीव अधिनियम के अनुसार, किसी भी वन्य प्राणी को खाना या पेय पदार्थ देना अपराध की श्रेणी में आता है। इस अधिनियम के तहत 3 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। गिरफ्तार युवक ने पुलिस को बताया कि उसे नहीं मालूम था कि ऐसा करना अपराध है।