रायपुर, 19 सितम्बर 2025। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश के सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को “बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत” घोषित किया गया है। यह मान्यता विगत दो वर्षों में इन पंचायतों में बाल विवाह का कोई भी प्रकरण दर्ज न होने के आधार पर दी गई है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के पीछे राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की सक्रिय भूमिका और सतत प्रयासों को निर्णायक माना जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में विभाग ने ग्राम स्तर तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया, और स्थानीय समुदाय को इस सामाजिक परिवर्तन में सहभागी बनाया।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “सूरजपुर जिले की यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। यह प्रधानमंत्री जी के अमृत महोत्सव वर्ष में समाज में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है।”
सामूहिक प्रयासों का परिणाम
जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और समुदाय के समन्वित प्रयास की सराहना की है। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि शिक्षा, जागरूकता और बच्चों के अधिकारों को प्राथमिकता दी जाए और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति का पूर्णतः उन्मूलन हो।
राज्य स्तरीय अभियान की शुरुआत
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” की शुरुआत की गई थी। यूनिसेफ के सहयोग से संचालित इस अभियान को मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में गति दी जा रही है। राज्य सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है और निरंतर जनजागरूकता, निगरानी एवं सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अन्य जिलों में भी शुरू होगी पहल
सूरजपुर जिले की सफलता से प्रेरित होकर अब छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की पहल की जा रही है। जिन जिलों और पंचायतों में विगत दो वर्षों से बाल विवाह के मामले नहीं आए हैं, उन्हें भी शीघ्र ही “बाल विवाह मुक्त” घोषित करने की प्रक्रि
या शुरू कर दी गई है।
