रायपुर का दुर्गा महाविद्यालय “पर्यावरण चैंपियन पुरस्कार 2025” से सम्मानित

रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय वन्य जीव संस्था, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित “पर्यावरण चैंपियन पुरस्कार 2025” में रायपुर का दुर्गा महाविद्यालय चयनित हुआ है। महाविद्यालय को यह सम्मान “चैंपियन इंस्टीट्यूशन फॉर नेचर” की उत्कृष्ट श्रेणी में प्रदान किया गया।

देहरादून स्थित भारतीय वन्य जीव संस्थान में हुए इस विशेष समारोह में मुख्य अतिथि पर्यावरणविद् अनूप नौटियाल और विशिष्ट अतिथि चिपको आंदोलन की अंतिम जीवित कड़ी सुदेश देवी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. संगीता के वक्तव्य से हुआ, जिन्होंने पुरस्कारों के उद्देश्य और प्रक्रिया की जानकारी दी और सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

सुदेश देवी ने अपने संबोधन में कहा कि वह उस दौर की चौथी पास महिला हैं, जब लड़कियों को घर से बाहर निकलने तक की अनुमति नहीं थी। उन्होंने बड़े सरल शब्दों में सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल को समझाते हुए पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी की अहमियत बताई।

मुख्य अतिथि अनूप नौटियाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन हुए 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। ऐसे में यह विचार करना आवश्यक है कि राज्य का विकास किस दिशा में हो और उसकी नीतियां किस प्रकार स्थायी बदलाव लाने वाली हों।

पर्यावरण संरक्षण में अनुकरणीय योगदान देने वाले संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से यह पुरस्कार पांच कैटेगरी में प्रदान किए गए। इनमें रायपुर का दुर्गा महाविद्यालय महाविद्यालय श्रेणी में चयनित हुआ, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।