शराब के नशे में स्कूल पहुंची महिला हेडमास्टर, बच्चों ने स्कूल छोड़कर लौटे घर, निलंबन की कार्रवाई

जांजगीर-चांपा 21 सितंबर 2025- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड के लेवई गांव की शासकीय प्राथमिक शाला में उस समय हड़कंप मच गया जब स्कूल की हेडमास्टर शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचीं। नशे की हालत में वह न सिर्फ बच्चों के सामने लड़खड़ाती रहीं, बल्कि टेबल पर पैर रखकर सो भी गईं। यह पूरी घटना ग्रामीणों ने कैमरे में कैद कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बच्चों ने समझा छुट्टी, घर लौटे

19 सितंबर को घटी इस घटना में महिला हेडमास्टर हीरा पोर्ते (45 वर्ष) स्कूल पहुंचने के बाद मिड डे मील खाने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन नशे की हालत में खाना नहीं खा पाईं और बेसुध होकर सो गईं। बच्चों ने जब उन्हें इस हाल में देखा तो उन्होंने स्कूल में छुट्टी समझते हुए अपने-अपने घर का रुख कर लिया।

जेब में रखी रोटी, बड़बड़ाती रहीं हिंदी-अंग्रेजी में

ग्रामीणों के अनुसार, महिला हेडमास्टर की हालत इतनी खराब थी कि वह बड़बड़ाते हुए कभी हिंदी तो कभी अंग्रेजी में कुछ बोल रही थीं। उनकी जेब में रोटी रखी हुई थी। जब एक ग्रामीण ने उन्हें चेतावनी दी कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, तो हेडमास्टर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “थैंक यू।”

पति की मौत के बाद शुरू हुआ नशा

ग्रामीणों ने हेडमास्टर के परिजनों को भी स्कूल बुलाया। उनके माता-पिता ने बताया कि हीरा पोर्ते के पति की मौत के बाद वह मानसिक रूप से टूट गईं और तब से शराब का सहारा लेने लगीं। परिजनों ने कहा कि उन्होंने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।

पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें

ग्रामीणों ने बताया कि हेडमास्टर पिछले कई दिनों से नशे में स्कूल आ रही थीं। पहले भी इस संबंध में कई शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल में 45 बच्चे अध्ययनरत हैं और हेडमास्टर के अलावा एक और शिक्षक पदस्थ है।

प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई

घटना का वीडियो सामने आने के बाद जिला कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। एसडीएम, डीईओ और बीईओ की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और ग्रामीणों, छात्रों व अन्य शिक्षकों से पूछताछ की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद 20 सितंबर को हीरा पोर्ते को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलौदा रहेगा।

मॉनिटरिंग में लापरवाही, अधिकारियों से मांगा जवाब

कलेक्टर ने इस मामले में मॉनिटरिंग में लापरवाही बरतने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी बलौदा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।