रायपुर। राजधानी रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से वीआईपी चौक से माना एयरपोर्ट तक की करीब 9 किलोमीटर लंबी सेंट्रल रोड को आज सुबह 8 बजे से वन-वे कर दिया गया है। इस सड़क से अब केवल एयरपोर्ट और नवा रायपुर की दिशा में ही वाहन जा सकेंगे। शहर की ओर लौटने के लिए लोगों को अब सर्विस रोड का उपयोग करना होगा।
नए ट्रैफिक नियम की शुरुआत
यह निर्णय लगातार हो रहे सड़क हादसों और ट्रैफिक जाम की समस्याओं को देखते हुए लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि शुरुआती कुछ दिनों तक लोगों को इस व्यवस्था के बारे में जागरूक किया जाएगा और नियमों का पालन करने की समझाइश दी जाएगी।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
जो वाहन चालक नए नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी:
पहली बार उल्लंघन करने पर ₹2,000 का जुर्माना।
दूसरी बार नियम तोड़ने पर ₹5,000 का चालान।
तीसरी बार पकड़े जाने पर ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा।
सर्विस रोड से होगा शहर की ओर आना-जाना
वीआईपी रोड के दोनों ओर बनी 7-7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड अब शहर लौटने के लिए उपयोग में लाई जाएगी। इन सड़कों के किनारे रेस्टोरेंट, क्लब, पब, होटल और फार्महाउस जैसे कई प्रतिष्ठान हैं, जिनसे ट्रैफिक का दबाव अक्सर बढ़ता है। पार्किंग की अव्यवस्था के कारण यहां लंबी कतारें और जाम लग जाते थे।
हादसों और जाम पर नियंत्रण की उम्मीद
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट और नवा रायपुर की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। एयरपोर्ट से लौटते समय कई वाहन चालक गलत दिशा में चलते थे, जिससे अक्सर जाम और सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति बन जाती थी। वन-वे व्यवस्था लागू होने से अब इन समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।
जानिए क्यों खास है यह सड़क
करीब 7 साल पहले, रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में वीआईपी चौक से माना एयरपोर्ट तक इस सड़क का चौड़ीकरण किया गया था। यह सड़क वन-वे कॉन्सेप्ट पर ही डिजाइन की गई थी, लेकिन अब तक इसे पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया था। पेड़ों को न काटने की शर्त के चलते सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड बनाई गई थीं, जो अब शहर की ओर आने के लिए उपयोगी साबित होंगी।
लोगों से पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वह इस नई व्यवस्था का पालन करें, अनावश्यक विवाद या उलझन से बचें और शहर लौटते समय केवल सर्विस रोड का उपयोग करें। सड़क किनारे साइन बोर्ड और अतिरिक्त ट्रैफिक स्टाफ की मदद से लोगों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
