CG पीएससी घोटाला : रिमांड खत्म होने के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, सीबीआई ने फिर मांगी रिमांड

रायपुर। छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाले के मामले में कस्टोडियल रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद सीबीआई ने सोमवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान सीबीआई ने एक बार फिर से रिमांड बढ़ाने की मांग की है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से बहस जारी है।

सूत्रों के मुताबिक, रिमांड के दौरान सीबीआई ने आरोपियों से गहन पूछताछ की। जांच एजेंसी ने उनके बयान दर्ज किए और जब्त दस्तावेजों एवं डिजिटल सबूतों की जानकारी खंगाली।

गिरफ्तार आरोपियों में पीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पीएससी के पूर्व सचिव व रिटायर्ड IAS जीवनलाल ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल शामिल हैं। आरती वासनिक पर प्रश्नपत्र लीक करने का गंभीर आरोप है।

बता दें कि इससे पहले भी सीबीआई ने आरती वासनिक से पूछताछ की थी, लेकिन उस समय उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था। माना जा रहा है कि हालिया गिरफ्तारी में सीबीआई को नए सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर एजेंसी और पूछताछ करना चाहती है।

पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
इससे पहले 18 नवंबर को सीबीआई ने तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 10 जनवरी को पांच और आरोपी गिरफ्तार हुए थे, जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष का भतीजा, डिप्टी कलेक्टर चयनित), ललित गणवीर (डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, CGPSC), शशांक गोयल, भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर चयनित) और साहिल सोनवानी (डीएसपी चयनित) शामिल हैं। फिलहाल ये सभी आरोपी जेल में बंद हैं।