छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 28 आबकारी अधिकारी EOW कोर्ट में पेश, कोर्ट ने दी जमानत

रायपुर, 23 सितंबर – छत्तीसगढ़ में सामने आए बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में फंसे आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों ने आज रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की विशेष कोर्ट में हाजिरी दी। ये सभी अधिकारी सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के दस्तावेज लेकर कोर्ट पहुंचे थे। कोर्ट ने शर्तों के तहत सभी को 1-1 लाख रुपए के जमानत बांड पर रिहा कर दिया।

EOW की जांच के मुताबिक, ये अधिकारी शराब घोटाले के सिंडिकेट का हिस्सा थे, जिन्होंने मिलकर 88 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई की। राज्य सरकार ने अगस्त में इन सभी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इनमें से 7 अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि 22 वर्तमान में सेवा में हैं।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद इन अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में सभी को शर्तों के साथ अग्रिम जमानत मंजूर की थी। इसी आदेश के तहत आज सभी अधिकारी EOW कोर्ट में पेश हुए।

3200 करोड़ का घोटाला, 80 करोड़ की वसूली का आरोप

EOW के अनुसार, छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 से 2023 के बीच लगभग 3200 करोड़ रुपए का शराब घोटाला हुआ है। जांच में सामने आया कि केवल इन 28 अधिकारियों ने ही करीब 80 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की। EOW ने इन सभी के खिलाफ चालान पेश कर दिया है।

कोयला घोटाला: सौम्या चौरसिया की 8 करोड़ की संपत्तियां जब्त

इसी बीच, EOW ने कोयला परिवहन में हुए कथित भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई करते हुए पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सौम्या चौरसिया की लगभग 8 करोड़ रुपए मूल्य की 16 अचल संपत्तियां जब्त की हैं। EOW का दावा है कि सौम्या ने अपने रिश्तेदारों – सौरभ मोदी, अनुराग चौरसिया और अन्य – के नाम पर करीब 47 करोड़ रुपए की 45 अचल संपत्तियां खरीदी थीं।

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी सौम्या चौरसिया की 39 करोड़ रुपए की 29 अचल संपत्तियां जब्त कर चुकी है। दोनों एजेंसियां मिलकर इस घोटाले में सौम्या की संलिप्तता की परतें खोल रही हैं।