रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करने की जिम्मेदारी वित्त विभाग को सौंपी गई है।
दिव्यांगजनों के हित में भी बड़ा निर्णय लिया गया। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की 24 करोड़ 50 लाख 05 हजार 457 रुपए की बकाया ऋण राशि एकमुश्त लौटाने का फैसला लिया है। इस निगम के माध्यम से राज्य के दिव्यांगों को स्वरोजगार और शिक्षा के लिए 3 प्रतिशत की दर से ऋण सुविधा दी जाती है।
इसके अलावा, शिक्षा विभाग में 100 स्पेशल एजुकेटर पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 में एक बार के लिए छूट दी गई है। अब इन पदों पर सीधी भर्ती चयन परीक्षा की जगह मेरिट के आधार पर की जाएगी।
बैठक में प्रशासनिक बदलाव भी देखने को मिला। मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हो रहे 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अमिताभ जैन को भावभीनी विदाई दी गई, वहीं 1994 बैच के आईएएस अधिकारी विकास शील ने नए मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
