छत्तीसगढ़ में बीएड की 5300 सीटें खाली, 25 साल में दूसरी बार ऐसा हाल डीएलएड की भी 2 हजार सीटें रिक्त, छात्रों का झुकाव प्राथमिक कोर्स की ओर बढ़ा

रायपुर। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने बीएड की पहली काउंसिलिंग की तीसरी मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। इसके अनुसार राज्य में बीएड की 5300 सीटें अब भी खाली रह गई हैं, जो कुल 14,400 सीटों का 36.43 प्रतिशत है। यह स्थिति 25 साल में दूसरी बार बनी है, जब इतनी बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रह गई हैं। इससे पहले साल 2014 में बीएड में इस तरह की स्थिति सामने आई थी।

डीएलएड की 2 हजार सीटें भी खाली

बीएड के साथ-साथ डीएलएड कोर्स की भी लगभग 2 हजार सीटें खाली रह गई हैं। राज्य में डीएलएड की कुल 6,660 सीटें हैं। एडमिशन के लिए पहले राउंड की काउंसिलिंग 29 अगस्त से शुरू हुई थी, जिसमें तीन मेरिट लिस्ट जारी की गईं।

पहले राउंड में डीएलएड की लगभग 4 हजार सीटों पर प्रवेश हुआ, जबकि बीएड में 9 हजार से अधिक छात्रों ने दाखिला लिया।

दूसरे राउंड की प्रक्रिया शुरू

दूसरे चरण की काउंसिलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि आज (6 अक्टूबर) है। इस राउंड की मेरिट लिस्ट 9 अक्टूबर को जारी होगी। उस पर दावा-आपत्ति के बाद 13 अक्टूबर को फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी और 16 अक्टूबर तक प्रवेश दिए जाएंगे। इस चरण में भी तीन लिस्ट जारी होंगी और 6 नवंबर तक एडमिशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि सीटें फिर भी खाली रहीं तो एक और राउंड काउंसिलिंग की संभावना है।

TET और वैकेंसी की कमी से घटा रुझान

निजी शिक्षा महाविद्यालय संघ के संयोजक राजीव गुप्ता ने बताया कि हाल ही में कोर्ट ने आदेश जारी कर माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य कर दी है।
प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने के लिए डीएलएड को पर्याप्त योग्यता माना गया है, इसलिए विद्यार्थी अब बीएड की बजाय डीएलएड को प्राथमिकता दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षकों के कई पद समायोजित किए गए हैं और नई भर्ती भी नहीं हो रही। ऐसे में बीएड करने के बाद रोजगार के अवसर घटे हैं, जिससे रुझान कम हुआ है।