रायपुर, 5 अक्टूबर: राजधानी रायपुर में बीते शनिवार को 86 किलो चांदी की कथित लूट की घटना ने सराफा बाजार में सनसनी फैला दी थी। लेकिन पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरी कहानी झूठी थी। खुद कारोबारी राहुल गोयल ने पूछताछ में यह स्वीकार किया कि उसने फर्जी लूट की कहानी रचकर पुलिस को गुमराह किया, ताकि वह उधार ली गई चांदी की रकम अदा करने से बच सके।
ऑनलाइन सट्टे में गंवाई थी बड़ी रकम
राहुल गोयल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है और रायपुर में ‘शिवा ट्रेडर्स’ नामक फर्म के जरिए चांदी का कारोबार करता है। वह आगरा की एक कंपनी का ब्रोकर है जो आगरा से चांदी के जेवर रायपुर लाकर यहां के व्यापारियों को बेचता है। उसे प्रति किलो चांदी पर ₹500 का कमीशन मिलता है।
पुलिस पूछताछ में राहुल ने बताया कि वह ऑनलाइन सट्टे में लाखों रुपये गंवा चुका था और बढ़ते कर्ज से परेशान होकर उसने यह साजिश रची। उसका मकसद था कि लूट की कहानी बनाकर कंपनी को चांदी के भुगतान से बचा जा सके और सट्टे में हुए घाटे की भरपाई भी हो जाए।
ऐसी रची थी झूठी लूट की कहानी
राहुल गोयल ने 4 अक्टूबर (शनिवार) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि रात करीब 3 बजे दो नकाबपोश व्यक्ति उसके फ्लैट में घुसे, कट्टा और चाकू से डराकर उसे बेहोश कर दिया और फिर 86 किलो चांदी के जेवरात (कीमत करीब 1.29 करोड़ रुपये) लेकर फरार हो गए। उसने दावा किया कि लुटेरे फ्लैट से CCTV का DVR भी लेकर भाग गए, ताकि कोई सबूत न बचे।
राहुल ने यह भी कहा कि जब वह सुबह 10 बजे उठा, तो उसके हाथ-पैर बंधे थे। किसी तरह खुद को छुड़ाकर उसने पड़ोसियों को सूचना दी और फिर पुलिस को बुलाया।
