नई दिल्ली / पटना।
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज कुछ ही देर में होने वाला है। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि राज्य में 243 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें 38 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं। आयोग ने बताया कि 30 सितंबर को वोटर लिस्ट फाइनल कर दी गई है और नामांकन से 10 दिन पहले तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाए जा सकते हैं।
छठ पर्व के बाद वोटिंग की मांग
राज्य के लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने आयोग से छठ पर्व के बाद मतदान कराने की मांग की है। इस कारण माना जा रहा है कि वोटिंग नवंबर के दूसरे पखवाड़े में हो सकती है। आयोग को 22 नवंबर 2025 तक पूरी चुनाव प्रक्रिया समाप्त करनी है। सूत्रों के अनुसार, दो चरणों में मतदान कराए जाने की संभावना है, ताकि त्योहारी सीजन में मतदाताओं की सुविधा बनी रहे।
पिछले चुनावों पर एक नजर
2020 में बिहार में तीन चरणों में मतदान हुआ था —
पहला चरण 20 अक्टूबर को, दूसरा 3 नवंबर को और तीसरा 7 नवंबर को हुआ था। परिणाम 10 नवंबर को घोषित किए गए थे।
इससे पहले 2015 के विधानसभा चुनाव पांच चरणों में हुए थे। तब मतदान 12 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चला था और 8 नवंबर को नतीजे घोषित किए गए थे।
संभावित कार्यक्रम और सुरक्षा तैयारियां
राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासन ने सुरक्षा और लॉजिस्टिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। संभावित चुनावी कार्यक्रम में दो फेज में मतदान और तीन सप्ताह का प्रचार अवधि रखी जा सकती है। आयोग ने मतदाता जागरूकता अभियान भी तेज कर दिया है।
