समाज कल्याण विभाग में चल रहे फर्जी NGO घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ…

रायपुर ०6 अक्टूबर 2025 : समाज कल्याण विभाग में चल रहे फर्जी NGO घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। CBI ने विभाग से स्टेट रिसोर्स सेंटर (SRC) और फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर (PRRC) नामक NGO की फाइलें कब्जे में ले ली हैं।

जानकारी के मुताबिक, 16 नवंबर 2004 को एक मंत्री और 7 IAS अधिकारियों समेत कुल 14 लोगों ने यह NGO बनाया था। खास बात यह है कि इस NGO की न कोई मान्यता थी, न दफ्तर, न कर्मचारी — सब कुछ सिर्फ कागजों पर ही तैयार किया गया था।

दिव्यांगों की मदद के नाम पर बने इस NGO को एक सिंडिकेट की तरह चलाया गया, जिसमें 6 प्रशासनिक अधिकारियों की भी भूमिका रही। आरोप है कि NGO को पूरी तरह सरकारी विभाग जैसा ढांचा देकर करोड़ों का फर्जी खर्च दिखाया गया।

रायपुर और बिलासपुर में कागजों पर कर्मचारियों की नियुक्तियां की गईं। इन्हें सरकारी पैटर्न पर 27 से 30 हजार रुपये वेतन तय किया गया और हर महीने डबल-ट्रिपल सैलरी के बिल निकाले गए।

इस पूरे घोटाले का भंडाफोड़ रायपुर के कुंदन ठाकुर नाम के व्यक्ति ने किया, जो खुद इन्हीं फर्जी कर्मचारियों की लिस्ट में शामिल थे।

CBI अब इस मामले की पूरी जांच में जुट गई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई बड़े अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।