छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक युवक ने अपने पिता से पैसे वसूलने के लिए खुद के अपहरण की झूठी साजिश रच डाली। युवक ने पिता को फोन कर बताया कि 8-10 लड़कों ने उसे अगवा कर लिया है और 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी जा रही है। पिता ने घबराकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दो दिनों तक पुलिस उसकी तलाश में भटकती रही। अंत में सोमवार रात युवक को पेंड्रा रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया गया।
- पुलिस की पूछताछ में सच्चाई सामने आई कि युवक ने आर्थिक तंगी के चलते यह कहानी खुद गढ़ी थी।
लिव-इन में रह रहा था युवक, पैसों की थी जरूरत
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कस्तूरबा नगर में रहने वाला संजय यादव (29) मूल रूप से जशपुर जिले के नारायणपुर के देरहाखार गांव का रहने वाला है। वह पिछले 10 साल से बिलासपुर में रह रहा था। एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और एक प्राइवेट बैंक में अस्थायी काम भी करता था।
संजय अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। कुछ समय से पैसों की जरूरत थी, इसी वजह से उसने पिता को फंसाने की योजना बनाई।
—
फोन कर कहा – 8-10 लड़कों ने अगवा किया, 10 लाख चाहिए
1 अक्टूबर को संजय ने पिता को फोन कर बताया था कि वह घर आ रहा है। रातभर न पहुंचने पर जब फोन बंद मिला तो पिता चिंतित होकर बिलासपुर पहुंचे। अगले दिन बेटे ने फोन कर बताया कि उसे 8-10 लड़कों ने अगवा कर लिया है और 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी जा रही है। उसने यह भी कहा कि पैसा उसके ही बैंक अकाउंट में जमा कर दिया जाए।
—
पुलिस को पहले दिन से शक था
सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत से ही पुलिस को अपहरण की कहानी संदिग्ध लगी, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से टीमें लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक करती रहीं। युवक का मोबाइल लोकेशन लगातार बदल रहा था — रायगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और फिर मध्यप्रदेश के कटनी तक।
—
खाने के पैसे खत्म हुए तो लौट आया “अपहृत”
तकनीकी जांच में पुलिस को पता चला कि युवक अपने दोस्तों और परिचितों से पैसे मांग रहा था। उसने कुछ दोस्तों से उधार भी मांगा, लेकिन जब किसी ने मदद नहीं की तो उसके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे। मजबूर होकर वह वापस लौटने लगा।
जैसे ही पुलिस को जानकारी मिली कि वह ट्रेन से पेंड्रा स्टेशन पहुंच रहा है, टीम ने मौके पर घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
—
लिव-इन पार्टनर से भी पूछताछ
पुलिस ने संजय की गर्लफ्रेंड को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि संजय ने पिता को ठगने की पूरी साजिश खुद रची थी और किसी ने उसकी मदद नहीं की।
CSP बोले – युवक ने कबूल की अपनी गलती
CSP (सिविल लाइन) ने बताया कि युवक ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है। उसने बताया कि आर्थिक परेशानी और पारिवारिक दबाव की वजह से यह कदम उठाया।
> “पुलिस की मेहनत और तकनीकी ट्रैकिंग से मामला सुलझ गया। युवक अब सुरक्षित है, लेकिन उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
