‘पंचायत’ फेम महोडिया गांव पहुंची मोबाइल पासपोर्ट सेवा वैन, विदेश मंत्रालय ने किया दिलचस्प ट्वीट

सीहोर, मध्यप्रदेश: वेब सीरीज पंचायत के जरिए देशभर में लोकप्रिय हुआ फुलेरा गांव असल में मध्यप्रदेश के सीहोर जिले का महोडिया गांव है। अपनी सादगी, ग्रामीण जीवन और पंचायत के हल्के-फुल्के किस्सों के लिए प्रसिद्ध इस गांव में अब एक नई पहल ने हलचल मचा दी है।

विदेश मंत्रालय की मोबाइल पासपोर्ट सेवा वैन हाल ही में महोडिया गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों को अपने गांव से ही पासपोर्ट बनवाने की सुविधा मिली। इस पहल के तहत दूरदराज़ इलाकों में पासपोर्ट सेवाओं को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोगों को शहरों के चक्कर लगाने की जरूरत न पड़े।

इस पहल की जानकारी विदेश मंत्रालय ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर बड़े ही रोचक अंदाज़ में दी। मंत्रालय ने सीरीज ‘पंचायत’ के एक मशहूर डायलॉग को ट्विस्ट देते हुए लिखा:

> “यह सचिव जी नहीं, पासपोर्ट सेवा वैन है। अब पासपोर्ट बनवाने शहर नहीं जाना पड़ेगा!”

 

इस पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी साझा की गई जिसमें गांव के लोग पासपोर्ट सेवा वैन के बाहर कतार में खड़े नजर आ रहे हैं।

ग्रामीणों में दिखा उत्साह

गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखा गया। कई लोगों ने पहली बार पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने विदेश मंत्रालय और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय का आभार व्यक्त किया।

डिजिटल भारत की ओर एक कदम

मोबाइल पासपोर्ट सेवा वैन जैसी पहलें ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘सुलभ प्रशासन’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। इससे न सिर्फ सरकारी सेवाएं गांव-गांव तक पहुंच रही हैं, बल्कि नागरिकों का सिस्टम पर विश्वास भी बढ़ रहा है।