बलौदा बाजार 8 अक्टूबर 2025 : छत्तीसगढ़ में खाद्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे भौतिक सत्यापन अभियान ने लोगों में भारी उत्सुकता और चिंता दोनों पैदा कर दी है। इस अभियान के दौरान कई ऐसे राशन कार्ड सदस्यों की पहचान हुई है, जिनकी मौत हो चुकी है या जो अपने स्थायी पते से पलायन कर चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को ही राशन वितरण योजना का लाभ मिले।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बलौदा बाजार जिले में कुल 1,44,626 सदस्यों को संदिग्ध माना गया है। इनमें से 1,31,794 सदस्यों की सूची जारी हो चुकी है, जिससे इलाके में काफी हड़कंप मचा हुआ है। बलौदा बाजार समेत अन्य जिलों के गांवों एवं नगर पंचायतों में लोग अपने राशन कार्ड का सत्यापन करवाने के लिए राशन दुकानों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब राशन कार्ड की पुष्टि पटवारी द्वारा अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। इसके साथ ही ग्राम सचिव और रोजगार सहायकों की भी सहायता ली जाएगी ताकि सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी और सही तरीके से पूरी हो सके। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि फील्ड वेरिफिकेशन के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
खाद्य जिला अधिकारी पुनीत वर्मा ने कहा है कि फिलहाल किसी का राशन कार्ड निरस्त नहीं किया गया है। अभी केवल संदिग्ध सदस्यों की सूची तैयार की गई है और आगे की कार्रवाई राज्य सरकार के निर्देशानुसार की जाएगी।
संदिग्ध सदस्यों में वे लोग शामिल हैं जिनका आधार डुप्लीकेट है, जो विभिन्न राज्यों में स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी उम्र 100 वर्ष से अधिक है, जिन्होंने पिछले 12 महीनों में राशन नहीं लिया, जिनके आधार निष्क्रिय हैं, जिनके पास आयकर या GST रिकॉर्ड में उच्च आय है, या जो MCA निदेशक हैं। साथ ही पीएम किसान योजना में 2.47 एकड़ से अधिक जमीन वाले सदस्य भी इस सूची में शामिल हैं।
