मध्य प्रदेश में कथित तौर पर विषैली कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए श्रीसन फार्मा के डायरेक्टर गोविंदन रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया है। राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात चेन्नई में छापेमारी कर रंगनाथन को पकड़ा।
SIT ने श्रीसन फार्मा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाओं के नमूने और उत्पादन रिकॉर्ड जब्त किए हैं। गोविंदन रंगनाथन पर ₹20,000 का इनाम घोषित किया गया था और वह घटना के बाद से पत्नी के साथ फरार चल रहा था।
सूत्रों के अनुसार, चेन्नई-बेंगलुरु हाईवे पर स्थित रंगनाथन का 2,000 वर्ग फुट का अपार्टमेंट सील कर दिया गया है। वहीं, कोडम्बक्कम में स्थित कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस बंद मिला।
24 बच्चों की जान गई
इस हादसे में कफ सिरप पीने के बाद किडनी फेल होने से अब तक 24 बच्चों की मौत हो चुकी है। ताजा मामला छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ तहसील के पचधार गांव से सामने आया है, जहां 3 वर्षीय मयंक सूर्यवंशी ने बुधवार-गुरुवार की रात नागपुर मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। मयंक 25 सितंबर से इलाजरत था।
मामले की जांच तेज
SIT अब श्रीसन फार्मा की उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और दवा निर्माण में इस्तेमाल किए गए कच्चे माल की गुणवत्ता की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, कफ सिरप में खतरनाक मात्रा में डाइथिलीन ग्लायकॉल की मौजूदगी पाई गई है, जो गुर्दों को नुकसान पहुंचाने के लिए जाना जाता है।
प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीर लापरवाही और आपराधिक कृत्य मानते हुए कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
